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पड्डल से वापस मंदिर तक शाही अंदाज में पहुंचेगी राजदेवता माधोराय की पालकी
Fri, 07 Feb 2020 06:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 07 Feb 2020 06:13 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में प्राचीन जलेब की परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। राजदेवता माधोराय की पालकी प्राचीन परंपराओं के अनुसार जलेब की रौनक के साथ पड्डल से वापस मंदिर तक भी पहुंचाई जाएगी। वापसी में राजदेवता माधोराय की पालकी संग कुछ देवी-देवताओं के साथ मंत्री भी पैदल लौटेंगे। इस तरह जलेब की शुरुआत की भांति वापसी भी शाही होगी।
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बदलते दौर के साथ यह प्राचीन परंपरा पीछे छूट गई थी। इसका फिर से निर्वाह किया जा रहा है। यह जानकारी मंडी में डीआरडीए भवन में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2020 की तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शिवरात्रि का शुभारंभ करेंगे।
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इसमें 216 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया है। शिवरात्रि महोत्सव देव समागम है। इस महोत्सव से प्राचीन परंपराएं जुड़ी हैं। इन्हें जीवंत रखने का बीड़ा हम सभी पर है। उन्होंने इस परंपरा को शिवरात्रि महोत्सव की मार्गदर्शिका में भी शामिल करने के लिए कहा, जिससे भविष्य में इस परंपरा का निर्वहन हो सके। इसके दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
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