फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   international seminar in solan to study monkeys behaviour

हिमाचल के बिगड़ैल बंदरों का मूड समझने आएंगे दुनिया भर से विशेषज्ञ

Sat, 17 Dec 2016 12:01 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 17 Dec 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
international seminar in solan to study monkeys behaviour

बिगड़ैल बंदरों के मूड को समझने के लिए दुनिया भर से विशेषज्ञ पहली बार हिमाचल में जुटेंगे। बंदरों के व्यवहार पर सालों से रिसर्च कर रहे विशेषज्ञ यहां मंथन करेंगे कि कैसे इन्हें आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोका जाए। बंदरों के हमले कैसे रुकें  और किसान कैसे अपनी फसलों को इनसे बचाएं। 

विज्ञापन


केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से प्रदेश का वन विभाग देश का पहला अंतरराष्ट्रीय सेमीनार चार जनवरी को सोलन में आयोजित करेगा। इसमें अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के अलावा मलयेशिया, हांगकांग, श्रीलंका और सिंगापुर के
विज्ञापन


विशेषज्ञों को बुलाया गया है। सेमीनार में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए विचारों का आदान-प्रदान होगा। हिमाचल के अलावा बंदरों की समस्या से जूझ रहे दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार जैसे राज्यों के अधिकारी भी सेमीनार में आएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है सरकार

international seminar in solan to study monkeys behaviour

प्रधान सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि सेमीनार में बंदरों की साइकोलॉजी को समझने का प्रयास किया जाएगा। वर्तमान में हिमाचल में बंदरों की समस्या को रोकने के लिए जितने प्रयास हुए, उतने किसी प्रदेश में नहीं हुए। बावजूद इसके बंदरों के आतंक में खास कमी नहीं आई है। ऐसे में अब दूसरे देशों जहां बंदरों की समस्या पर काम हो रहा है, उनसे सुझाव लेकर उन्हें अमल में लाया जाएगा। 

लोगों और फसलों को बंदरों से बचाने के नाम पर अब तक प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है। बंदरों की नसबंदी कार्यक्रम पर ही करीब चार करोड़ खर्च हो चुके हैं। इसमें अस्पतालों के निर्माण के अलावा मशीनरी, बंदरों को पकड़ने और उन्हें अस्पताल और जंगल लाने और ले जाने का खर्च शामिल है। बंदरों के लिए फीडिंग प्वाइंट और वन वाटिका पर भी काफी खर्चा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed