हिमालय दुनिया के लिए सबसे युवा पर्वत शृंखला और आक्सीजन का भंडार : गोविंद
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पश्चिम हिमालय के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, अवसर एवं चुनौतियां विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को राजकीय वल्लभ कॉलेज मंडी में शुरू हुआ। सम्मेलन वल्लभ कॉलेज, सरदार वल्लभ भाई पटेल संकुल विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और प्रदेश की विज्ञान एवं प्रबंधन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में करवाया जा रहा है। इसमें जर्मनी, चीन, यूएई, बांग्लादेश, जापान सहित भारत के आचार्य, शोधार्थी तथा विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि हिमालय दुनिया के लिए सबसे युवा पर्वत शृंखला और ऑक्सीजन का भंडार है। प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्र 55673 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 15100 वर्ग किलोमीटर वन आच्छादित क्षेत्र है। प्रदेश में 66.52 प्रतिशत वन भूमि है। 27.12 प्रतिशत भूमि पर वृक्ष हैं। यदि इसे 37 प्रतिशत तक बढ़ा लेंगे तो प्रदेश पूरे विश्व में सबसे ज्यादा आक्सीजन पैदा करने वाला प्रदेश बन जाएगा। वनमंत्री ने कॉलेज परिसर में देवदार का पौधा भी रोपा।
वेबसाइट का शुभारंभ और स्मारिका का विमोचन
वन मंत्री ने कॉलेज के वनस्पति विभाग की सहायक आचार्य डॉ. तारा सेन की ओर से तैयार की गई वेबसाइट और स्मारिका का शुभारंभ किया। आयोजन समिति को मंत्री ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की। पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. राधारमण शास्त्री ने भी विचार रखे। जर्मनी की अमरई विलरट ने सहज योग तकनीकी विषय, डॉ. एसएस सामंत ने भारतीय हिमाचल क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के संबंध में जैव विविधता संरक्षण तथा प्रबंधन विषय, चीन से आए प्रो. एमएस सैनीचै ने पर्यावरण अध्ययन में नई तकनीकें विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में 300 शोध पत्र किए जाएंगे प्रस्तुत
संयोजक सहायक प्रो. संजीत ठाकुर ने बताया कि सम्मेलन में 300 शोध पत्र विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान वनमंत्री की पत्नी रजनी ठाकुर, भाजपा मंडलाध्यक्ष रणबीर ठाकुर, अरण्यपाल उपासना, वनमंडल अधिकारी एसएस कश्यप, कुल सचिव राजीव कुमार, अमेठी विवि गुरुग्राम से अतुल ठाकुर, पूर्व प्राचार्य प्रो. कमलकांत, प्रो. तुलसी रमण, प्राध्यापक संगठन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।