फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Insurance claim appeal dismissed in case of vehicle accident

Shimla News: वाहन दुर्घटना के मामले में बीमा क्लेम अपील खारिज

Sat, 24 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Insurance claim appeal dismissed in case of vehicle accident
विज्ञापन

शिकायतकर्ता प्रस्तुत नहीं कर पाया परमिट जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थल पर बिना वैध परमिट के मालवाहक या व्यावसायिक वाहन चलाना मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामले में बीमा पॉलिसी की शर्तों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर बीमा क्लेम खारिज किया जा सकता है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने सैंज (ठियोग) निवासी की बीमा क्लेम दिलाने संबंधी शिकायत खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। ठियोग तहसील के सैंज गांव निवासी रियाजुल हसन ने फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने अपने मालवाहक वाहन का व्यापक बीमा करवाया था। 19 और 20 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात को वाहन सामान लेकर सैंज से मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) जा रहा था। इस दौरान पंजाब क्षेत्र के पास वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शिकायतकर्ता ने वाहन की मरम्मत पर हुए 94,374 रुपये के खर्च के साथ मानसिक प्रताड़ना के हर्जाने और मुकदमे के खर्च की भरपाई के लिए आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन


बीमा कंपनी ने अपने पक्ष में दलील दी कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद एक स्वतंत्र सर्वेक्षक नियुक्त किया था। वाहन मालवाहक श्रेणी में पंजीकृत होने के कारण सर्वेक्षक ने शिकायतकर्ता से वैध राष्ट्रीय परमिट और पंजाब रोड टैक्स की रसीद प्रस्तुत करने को कहा था। कई बार पत्र लिखने के बावजूद शिकायतकर्ता ने यह आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए। कंपनी के अनुसार, दस्तावेजों के अभाव में क्लेम को नो क्लेम मानकर बंद कर दिया था और इस मामले में सेवा में कोई कमी नहीं थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद आयोग ने पाया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 66 के तहत व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए वैध परमिट अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायतकर्ता दुर्घटना के समय वाहन के पास वैध परमिट होने का कोई साक्ष्य रिकॉर्ड पर पेश नहीं कर सका। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के अमृत पॉल सिंह बनाम टाटा एआईजी मामले में दिए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना वैध परमिट के व्यावसायिक वाहन चलाना कानून का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामले में लागू कानूनी प्रावधानों और बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार बीमा कंपनी पर क्लेम चुकाने की जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती। इन तथ्यों के आधार पर आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article