छत पर लगाएं सोलर प्लांट, बिजली बेचकर कमाएं पैसा
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भारी भरकम बिजली बिल से अब डरने के दिन खत्म हो गए हैं। अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाकर घरेलू इस्तेमाल के लिए बिजली पैदा करने और सरप्लस बिजली को बेचने की हिमाचल सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी सुविधा दी है।
मंगलवार को ऊर्जा विभाग ने हिमाचल प्रदेश की सोलर पावर पॉलिसी 2016 को अधिसूचित कर दिया है। राजपत्र में भी इसे प्रकाशित कर दिया गया है। पॉलिसी के तहत घरों पर एक से पांच किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाने की अनुमति दी गई है।
सरप्लस बिजली को पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से राज्य बिजली बोर्ड खरीदेगा। बिजली बेचने वालों की घर की छत को ग्रिड से जोड़ा जाएगा। टैरिफ रेट स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने तय किए हैं। सोलर पावर पॉलिसी 2016 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
हिमाचलियों को 70% रोजगार
सोलर पावर प्लांट लगाने वाले निवेशकों को हिमाचली बेरोजगार युवकों को नौकरी में प्राथमिकता देनी होगी। सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए मैदानी क्षेत्रों में कम से कम दो हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में प्रति मेगावाट 2.5 हेक्टेयर भूमि चाहिए होगी। सरकारी और निजी भूमि को 35 साल से अधिक समय के लिए लीज पर नहीं दिया जाएगा। निजी भूमि की लीज लेने के लिए सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
ये करेंगे मदद
प्रोजेक्ट की रजिस्ट्रेशन, सब्सिडी योजना का लाभ और अन्य मंजूरियां स्टेट लेबल नोडल एजेंसी हिम ऊर्जा देगी। सोलर पावर बेचने के लिए राज्य बिजली बोर्ड से संपर्क करना होगा। घर की छत पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए संबंधित क्षेत्र का बिजली बोर्ड दफ्तर सहयोग करेगा, अन्य तरह की मंजूरियों के लिए संबंधित विभागों से संपर्क करना होगा।
2022 तक के लिए बनाई पॉलिसी
हिमाचल प्रदेश संशोधित सोलर पावर पॉलिसी 2016 मार्च 2022 तक मान्य होगी। पॉलिसी के मुताबिक प्रदेश में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद देगी। प्रदेश के बेरोजगार युवकों और किसानों को सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रति मेगावाट 50 लाख रुपये की मदद मिलेगी।
प्लांट को संबंधित व्यक्ति को अपनी भूमि पर लगाना होगा। सरकार इसके लिए लीज पर भूूमि भी दे सकती है। सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य में हिम ऊर्जा सहयोग करेगा। पॉलिसी के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्रालय ने राज्य में सोलर पार्क स्थापित करने वालों को भी सहयोग देने का फैसला लिया है।
राज्य की नोडल एजेंसियों के माध्यम से पार्क विकसित किए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर ने बताया है कि सरकार ने सोलर पावर पॉलिसी 2016 को अधिसूचित कर दिया है। इच्छुक लोग हिम ऊर्जा से संपर्क कर सकते हैं।