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150 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई को भेजी

Sun, 16 Sep 2018 12:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 16 Sep 2018 12:17 PM IST
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inquiry of 150 crore scholarship scam केस sent to CBI

हिमाचल के बहुचर्चित 150 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई को भेज दी गई है। सीबीआई जल्द ही एफआईआर दर्ज कर सकती है। सीएम कार्यालय से मंजूरी आते ही इस मामले की फाइल अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ने केंद्रीय कार्मिक विभाग को भेज दी है।

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यहां से मामला आगे सीबीआई को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फैसला लिया था कि प्रदेश में कई संस्थानों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई को दी जाए। इसके बाद शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा ने फाइल सीएम ऑफिस मंजूरी को भेजी।
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सीएम कार्यालय ने मंजूरी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल को फाइल भेजी और इसे आगे सीबीआई को भेजने को कहा। अग्रवाल ने पुष्टि की है कि इस मामला केंद्रीय कार्मिक विभाग के माध्यम से सीबीआई को भेजा गया है। 

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सीबीआई जांच को ये दिया तर्क  

inquiry of 150 crore scholarship scam केस sent to CBI

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्रीय कार्मिक विभाग को भेजी फाइल में तर्क दिया कि चूंकि इस मामले में केंद्र से आए फंड पर भी भारी अनियमितताओं का अंदेशा है, इसलिए जांच सीबीआई से करवाना जरूरी है। 

फर्जी एडमिशन से हड़पी छात्रवृत्ति राशि
जांच रिपोर्ट में कई निजी शिक्षण संस्थानों पर फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी धनराशि हड़पने का आरोप है। साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक किसी भी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की मॉनीटरिंग नहीं हुई। 

ऐसे पकड़ में आया मामला

inquiry of 150 crore scholarship scam केस sent to CBI

जांच रिपोर्ट के मुताबिक अस्सी फीसदी छात्रवृत्ति का बजट सिर्फ निजी संस्थानों में बंटा, सरकारी संस्थानों को छात्रवृत्ति बजट की मात्र 20 फीसदी राशि ही मिली। निजी संस्थानों को 210 करोड़ और सरकारी संस्थानों को 56 करोड़ की राशि दी गई। 

जांच रिपोर्ट के अनुसार 19,915 विद्यार्थियों को एक ही मोबाइल नंबर वाले बैंक खाते में छात्रवृत्ति राशि जारी हुई। 360 छात्रों का बैंक खाता नंबर भी एक समान है। 5729 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने में आधार नंबर का प्रयोग ही नहीं हुआ।

जिला लाहौल-स्पीति में पांच साल तक अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने का मामला ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया। इस मामले के उठने के बाद कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने भी शिक्षा

सचिव के समक्ष कुछ स्थानीय छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात बताई। खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए शिक्षा महकमे ने जांच के दौरान कई खामियां पाईं। जिसके चलते सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करनी पड़ी।

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