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कौशल प्रशिक्षण पर सरकारी नौकरी देने पर विचार

Thu, 10 Mar 2016 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 10 Mar 2016 08:52 AM IST
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industry and employment minister mukesh agnihotri statement
श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : फाइल फोटो

कौशल प्रशिक्षण के बाद बेरोजगारों को सरकारी नौकरी में वरीयता देने पर सरकार विचार कर रही है। विपक्ष की ओर से प्रश्नकाल में मामला उठाए जाने के बाद यह जवाब श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दिया है। भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, डा. राजीव बिंदल, रविंद्र सिंह रवि, सतपाल सिंह सत्ती और कुलदीप कुमार के संयुक्त सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कौशल विकास भत्ता योजना के तहत केवल कौशल प्रशिक्षण के लिए ही भत्ते का प्रावधान है। 

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हालांकि, इस योजना के तहत रोजगार और स्वरोजगार देने की कोई व्यवस्था नहीं है। भाजपा के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि अगर एक लाख लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है तो क्या उन्हें सरकारी नौकरियों में वरीयता दी जाएगी। इसके जवाब में अग्निहोत्री ने कहा कि वैसे प्रशिक्षित लोगों को कारखानों में नौकरियां मिल रही हैं। सरकारी नौकरी में वरीयता पर भी सरकार चर्चा करेगी। 
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अग्निहोत्री ने कहा कि 31 जनवरी 2016 तक प्रदेश के विभिन्न रोजगार केंद्रों में 8,04,512 बेरोजगारों को पंजीकृत किया गया है। भारत सरकार से कौशल विकास भत्ता योजना के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। हिमाचल प्रदेश में कौशल विकास योजना में हर साल 100 करोड़ रुपये राज्य बजट से दिए जा रहे हैं। अब तक एक करोड़ 10 हजार 601 लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं। अब तक इस योजना के तहत 74 करोड़ खर्च किए गए हैं। 
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इस पर भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने पूछा कि गत तीन वर्षों में जिन फर्जी एजेंसियों ने कौशल विकास भत्ते के तहत प्रशिक्षण करवाया है, उनका ब्योरा दें। इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान में कौशल विकास योजना के तहत 909 एजेंसियां काम कर रही हैं। पूर्व में 2413 लोगों ने गलत संस्थान खोल दिए थे। निरीक्षण के बाद अब ऐसे संस्थानों को योजना से बाहर किया गया है। 


उन्होंने कहा कि इसमें धांधली वाली बात नहीं है, क्योंकि सरकार जो भी भत्ता देती है वह सीधा लाभार्थियों के खातों में ही जाता है। अग्निहोत्री ने कहा कि हाल ही में एक रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबिक प्रदेश में वास्तविक बेरोजगारों की संख्या 2,83,000 है। बेशक बेरोजगारों का मौजूदा आंकड़ा 8 लाख के आसपास है, पर लाखों लोगों की कहीं न कहीं नौकरी लगी है।  

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