Shimla: उद्योगपति बोले- एशिया में सबसे महंगी माल ढुलाई हिमाचल में
हिमाचल में उद्योग चलाना मुश्किल हो गए हैं, हालात ऐसे हैं कि तालाबंदी हो रही है और कई पलायन की तैयारी कर रहे हैं।
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एशिया में सबसे महंगी माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) हिमाचल प्रदेश में है। बिजली भी पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड से महंगी हो गई है। हिमाचल में उद्योग चलाना मुश्किल हो गए हैं, हालात ऐसे हैं कि तालाबंदी हो रही है और कई पलायन की तैयारी कर रहे हैं। शिमला में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक अधिवेशन के दौरान सीआईआई के निवर्तमान अध्यक्ष नवेश नरूला ने उद्योगपतियों को पेश आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि फायर एनओसी और धारा 118 की कड़ी शर्तों के कारण उद्योग स्थापित करना और चलाना मुश्किल हो गया है। प्रदेश में सड़क, रेल और वायु संपर्क की समस्या से लागत बढ़ने के कारण निवेशकों को नुकसान हो रहा है। औद्योगिक नगरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से उद्योगपतियों को चंडीगढ़ से आना पड़ रहा है।
हिमाचल निवासी उद्यमी भी करें निवेश : सुनील
एमएसएमई चैप्टर के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने कहा कि हिमाचल से संबंध रखने वाले उद्योगपति देश और दुनिया में नाम कमा रहे हैं, हिमाचल में औद्योगिक विकास के लिए ऐसे लोगों की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने हिमाचल में स्थापित होने वाले उद्योगों को लेकर अपने सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीमनि ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उद्योगों को अतिरिक्त रियायतें दी जा सकें, लेकिन एक डेढ़ साल में हम सभी मांगों को पूरा करने की स्थिति में होंगे। उद्योगों को परिवहन सुविधा देने के लिए रेल लाइन विस्तार को रफ्तार देने के प्रयास हो रहे हैं।
दीपन गर्ग अध्यक्ष, संजय सूरी चुने गए उपाध्यक्ष
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2025-26 के लिए अपने नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। दीपन गर्ग को अध्यक्ष और संजय सूरी को उपाध्यक्ष चुना गया है। वेलपैक इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक दीपन गर्ग 15 वर्षों से और संजय सूरी 35 वर्षों से उद्योग जगत से जुड़े हैं। नव नियुक्त अध्यक्ष दीपन गर्ग ने हिमाचल में व्यवसाय को आसान बनाने, डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और कौशल विकास को आगे बढ़ाने को अपनी प्राथमिकता बताया।