स्कूलों में भारत-पाक रिश्तों का इतिहास जानेंगे छात्र
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स्कूलों में छात्र भारत और पाक रिश्तों का इतिहास पढ़ेंगे। सीबीसीएसई ने इसकी शुरूआत की है। सीबीएसई ने ओपन टेक्स्ट बेस्ड असेसमेंट पाठ्यक्रम में कुछ गंभीर विषय जोड़े हैं। 9वीं और ग्यारहवीं के छात्रों की मार्च 2016 में इसी पाठ्यक्रम से परीक्षा भी होगी।
सीबीएसई ने खाद्य सुरक्षा बिल, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। कक्षा 9वीं तथा ग्यारहवीं के लिए ऑनलाइन टेक्स्ट मैटीरियल को स्कूलों को भेज दिया गया है।
वर्ष 2016 मार्च में होने वाली 9वीं व ग्यारहवीं की परीक्षाओं में छात्रों से इसी सामग्री के आधार पर सवाल पूछे जाएंगे। सीबीएसई ने 2014 में ओपन टेक्स्ट बेस्ड असेसमेंट सिस्टम शुरू किया था। 9वीं तथा ग्यारहवीं में इस व्यवस्था को वर्ष 2016 में भी जारी रखा जा रहा है। फिलहाल बोर्ड बारहवीं में इसे विस्तार नहीं दे रहा है।
स्कूलों को जारी टेक्स्ट मैटीरियल
बोर्ड की ओर से इसके लिए टेक्स्ट मैटीरियल तैयार कर स्कूलों को जारी कर दिया है। बोर्ड ने स्कूलों को सूचना दी है कि वह अपने यहां नौवीं में होने वाले समेटिव असेसमेंट (लिखित परीक्षा) व ग्यारहवीं के लिए होने वाली वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दें। 9वीं के हिंदी विषय में पर्यावरण संरक्षण व महिला सशक्तिकरण, गणित विषय में ऊर्जा खपत और बिजली बिल व सोशल साइंस विषय में भारत में खाद्य सुरक्षा के संबंध में जानकारी को शामिल किया गया है।
तो वहीं ग्यारहवीं के अर्थशास्त्र विषय में भारत-पाक के व्यापारिक रिश्ते, जीव विज्ञान में मनोविज्ञान तथा भूगोल में चक्रवाती तूफान अलनीनो, ला नीना के प्रभाव, इन तूफानों का भारत की वर्ष 2014-15 की जीडीपी पर प्रभाव के संबंध की जानकारी को भी शामिल करने के साथ पाठ्यकम की जानकारी स्कूलों को भेज दी गई है।