सोशल मीडिया पर गरमाया तिरंगे के अपमान का मुद्दा
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चीन की जूता कंपनी के द्वारा भारतीय तिरंगे के अपमान का मुद्दा सोशल मीडिया पर भी गरमा गया है। हिमाचल की कांगड़ा पुलिस ने फेसबुक में तिरंगे के डिजाइन वाले चाइनीज जूतों के डिब्बे की तस्वीर पोस्ट होने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर आवाज उठने लगी है।
स्वयंसेवी संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए कांगड़ा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस के अनुसार चाइना की एक कंपनी तिरंगे के डिजाइन वाले बॉक्स में जूतों को बेच रही है। इसके खिलाफ केस तो दर्ज हो गया है मगर ये कंपनी कौन सी है, इसका पता नहीं चल पाया है।
उधर, इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाने लगी है। हिमाचल भाजपा नेता एवं विधायक रविंद्र रवि ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि दुकानदार से इस संबंध कड़ी पूछताछ कर जूता कंपनी सहित पर अन्य आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर दुकानदार गिरफ्तार
उधर, पुलिस ने कांगड़ा की एक दुकान में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के डिजाइन वाले डिब्बे में जूते बेचने के आरोप में जूता व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया है। कांगड़ा और गगल पुलिस ने संयुक्त रूप से उपमंडल कांगड़ा के एक गांव की दुकानों में छापेमारी की।
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक दुकान से 13 जोड़े जूते कब्जे में लिए। इन जूतों के डिब्बों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का डिजाइन बना हुआ था। डिब्बे पर मेड इन चाइना लिखा था। डिब्बे पर कंपनी का नाम नहीं लिखा है।
जूतों की खेप कहां, किससे और कब खरीदी, इस सभी पहलुओं पर पुलिस गिरफ्तार किए गए व्यापारी से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार व्यापारी पिछले काफी समय से चाइनीज जूते बेच रहा था। बुधवार को इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सेक्शन-2 प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशन ऑनर के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिला पुलिस प्रवक्ता डॉ. शिव कुमार ने बताया कि हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
धर्मशाला कोर्ट में पेश किए दो आतंकी
वहीं, कांगड़ा जिले के कोटला गांव से पकड़े गए दो संदिग्ध आतंकवादियों को वीरवार को धर्मशाला कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को 2010 में हिमाचल और जम्मू कश्मीर की पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा था। ये यहां मजदूर बनकर रह रहे थे। आरोप है कि जमील अहमद और गुलाम नबी लोन आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्य हैं।
वीरवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो की अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश के छुट्टी पर होने के चलते मामले की सुनवाई के लिए अब अगली तारीख 30 अप्रैल रखी गई है। सुनवाई के दौरान अब मामले में एविडेंस रखे जाएंगे। दोनों पर जवाली थाने में 15 दिसंबर 2010 को विभिन्न धाराओं में एफआईआर नंबर 359/10 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
जवाली पुलिस ने 2011 में जांच पूरी कर मामले को धर्मशाला न्यायालय में चालान पेश किया था। दोनों आरोपियों के पास चुनाव आयोग की मुहर वाला जाली पहचान पत्र, एक चाइनीज पिस्टल और आठ राउंड की गोलियां मिली थीं। आपस में चचेरे भाई जमील अहमद और गुलाम नबी जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के रहने वाले हैं। जमील अहमद पुत्र मोहम्मद अब्राहिम निवासी मारमत मगोटा डाकखाना भनोली थाना गोहा और गुलाम नबी लोन पुत्र बिलाल अहमद लोन निवासी मारमत बेहोता डाकखाना चिलोहत, थाना गोहा जम्मू कश्मीर के निवासी हैं।