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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद बैठक: वीरेंद्र कंवर ने ऊना में उत्कृष्टता केंद्र खोलने का मामला उठाया
Sat, 26 Mar 2022 10:25 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:25 PM IST
सार
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की 93वीं वार्षिक बैठक में हिमाचल प्रदेश से कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर और कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार धीमान ने भाग लिया। हिमाचल के कृषि मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र ऊना में उत्कृष्टता केंद्र खोलने का मामला उठाया।
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कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की 93वीं वार्षिक बैठक नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में हिमाचल प्रदेश से कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर और कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार धीमान ने भाग लिया। हिमाचल के कृषि मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र ऊना में उत्कृष्टता केंद्र खोलने का मामला उठाया। कृषि मंत्री ने प्रदेश में पोटेटो सिस्ट निमेटोड की समस्या को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखते हुए कहा कि राज्य में आलू आय का मुख्य साधन है। लगभग 15,100 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए लगभग तीन लाख क्विंटल बीज आलू के प्रमाणित बीज की आवश्यकता प्रतिवर्ष होती है।
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आलू विकास केंद्रों पर लगभग 55 हेक्टेयर क्षेत्र में फाउंडेशन बीज आलू का उत्पादन किया जाता है। बीते चार वर्षों से प्रदेश के आलू विकास केंद्रों पर बीज आलू का उत्पादन कार्य पोटेटो सिस्ट निमेटोड के कारण प्रभावित हुआ है। प्रदेश के सरकारी फार्मों पर फाउंडेशन बीज आलू का उत्पादन संभव नहीं है, जिससे किसानों की आर्थिकी को बहुत नुकसान हो रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के माध्यम से सिस्ट निमेटोड के प्रबंधन को विकसित तकनीक को प्रदेश सरकार और किसानों को हस्तांतरित किया जाए। इस समस्या से निदान पाया जा सके। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर इस तकनीक को प्रयोग में लाने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया।
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