India-Pak Tension: सरकार ने की आपात बैठक, छुट्टियों में भी खुले रहेंगे सीएम-सीएस दफ्तर, नियंत्रण कक्ष
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे तनाव के मद्देनजर सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमावर्ती पड़ोसी राज्यों में सायरन बजते ही साथ लगते हिमाचल के क्षेत्रों में भी ब्लैक आउट किया जाए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शनिवार से सोमवार तक तीन छुट्टियों में भी मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव कार्यालय और नियंत्रण कक्ष खुले रहेंगे।
सीएम ने जिला प्रशासन को सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को वीडियो काॅन्फ्रेंस से मुख्यमंत्री ने संबोधित किया। बैठक के बाद सीएम ने कहा कि प्रदेश की सीमा से लगते जिन राज्यों में सायरन बज रहे हैं, वहां पर जिला उपायुक्तों को भी फौरन ब्लैक आउट करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार की ओर से आने वाले हर दिशा-निर्देश का पूरी शक्ति से पालन किया जाएगा। प्रदेश की जनता से सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों पर गौर नहीं करने की अपील भी की। सीएम ने कहा कि पठानकोट के साथ लगते क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के एकसाथ जुटने पर रोक लगाने की तैयारी पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच हिमाचल में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ जुटने पर रोक लगाने की तैयारी है। शनिवार को इस बाबत निर्देश जारी होंगे। इसके तहत प्रदेश में आगामी आदेशों तक मेलों के आयोजन सहित कई सामाजिक कार्य नहीं होंगे। हालांकि विवाह समारोह पर निर्देश लागू नहीं होंगे।
अग्निशमन, बिजली, जल शक्ति, परिवहन विभाग में छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। शनिवार से सोमवार तक सरकारी छुट्टियों के दौरान इन विभागों का आवश्यक स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद रहेगा। फैसला लिया गया कि केंद्र सरकार से ब्लैकआउट करने को लेकर जारी होने वाले निर्देशों का पालन करते हुए ऊर्जा विभाग की ओर से ही पूरे प्रदेश में बिजली सप्लाई बंद कर दी जाएगी। जम्मू से विद्यार्थियों की वापसी के लिए कार्रवाई के निर्देश उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर जम्मू-कश्मीर में विशेष रूप से श्रीनगर में पढ़ाई कर रहे हिमाचली विद्यार्थियों को सुरक्षित वापस लाने का आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि इन छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं। वर्तमान में लगभग 103 छात्र जम्मू-कश्मीर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा और कुशलता राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने मुख्य सचिव को तत्काल आवश्यक कदम उठाने और छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने का आह्वान
सुक्खू ने केंद्र सरकार और भारतीय सेना के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जबाव देने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं साहस और धैर्य के साथ दुश्मन का सामना कर, देश की रक्षा कर रही हैं और हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से केवल अधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, ओंकार चंद शर्मा, आर.डी. नजीम, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, सचिव अभिषेक जैन, राकेश कंवर बैठक में उपस्थित थे जबकि सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
अमृतसर, जम्मू, कटड़ा और पठानकोट रात्रि बस सेवाओं का संचालन बंद, चंबा में सरकारी कर्मियों की छुटि्टयां रद्द
सीमा पर मौजूदा संघर्ष के मद्देनजर, हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने जम्मू-पठानकोट-अमृतसर मार्ग पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी है। इसको देखते हुए ने एचआरटीसी बसों के परिचालन में आवश्यक समायोजन किया है। यह निर्णय लिया गया है कि रात्रि के समय अमृतसर, जालंधर, जम्मू, कटड़ा और पठानकोट के लिए एचआरटीसी सेवाओं के संचालन की समीक्षा की जाएगी तथा स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इस सेवाओं को जसूर में ही रोक दिया गया है। इस बारे में कर्मचारियों को भी आगाह कर दिया गया है। हालांकि, स्थानीय प्राधिकारियों की ओर से कानून एवं व्यवस्था संबंधी लगाए गए प्रतिबंधों के अधीन, इन मार्गों पर नियमित समय-सारणी के अनुसार दिन के समय बस सेवाएं चलाने का प्रयास किया जाएगा। एचआरटीसी इन मार्गों पर यात्रा करने की योजना बना रहे सभी यात्रियों को सलाह देता है कि वे अपडेट रहें और अपनी यात्रा की योजना तदनुसार बनाएं। उधर, उपायुक्त चंबा के निर्देशों के अनुसार जिले के सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। कर्मचारियों को तुरंत अपने-अपने स्टेशनों पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला शिमला में पर्याप्त मात्रा में गंदम, चावल एवं अन्य आवश्यक सामग्री का स्टॉक उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, जिला शिमला में एलपीजी, डीजल व पेट्रोल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आम जनता से अपील की जाती है कि आवश्यक वस्तुओं की अनावश्यक खरीदारी न करें तभी आवश्यक वस्तुऐं खुले बाजार व खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा पीडीएस के तहत समान रूप से सभी जन को उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विक्रेता द्वारा आवश्यक वस्तुओं के निर्धारित लाभांश से अधिक बिक्री मूल्य वसूला जाता है व अग्रिम खाद्यान्नों का भण्डारण किया जाता है तो उनके विरूद्ध हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निरोधक आदेश, 1977 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नियमानुसार आगामी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त आम जनता से अपील की जा रही है कि यदि जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी का कोई भी मामला आपके ध्यान में आता है तो आप खाद्य आपूर्ति विभाग के टॉल फ्री नंबर 1967 व जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के टॉल फ्री नंबर 1077 पर शिकायत कर सकते हैं।
उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर जम्मू-कश्मीर में विशेष रूप से श्रीनगर में पढ़ाई कर रहे हिमाचली विद्यार्थियों को सुरक्षित वापस लाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि इन छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 103 छात्र जम्मू-कश्मीर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और भारत-पाकिस्तान के मध्य बढ़ रहे तनाव के दृष्टिगत इनके परिजन अत्यंत चिंतित हैं और बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा और कुशलता राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को तत्काल आवश्यक कदम उठाने और छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। ब्यूरो