श्रीनगर के बाद यहां बनेगा भारत का दूसरा ट्यूलिप गार्डन
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धौलाधार के पहाड़ों के आंचल में बसे धर्मशाला में श्रीनगर के बाद भारत का दूसरा ट्यूलिप गार्डन बनने जा रहा है। नोबेल पुरस्कार विजेता धर्मगुरु दलाईलामा से जुड़ी इस धार्मिक नगरी में अब ट्यूलिप के फूल भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। स्मार्ट सिटी बन रहे धर्मशाला से सटे तपोवन में करीब 200 कनाल सरकारी जमीन पर ट्यूलिप गार्डन बनेगा।
इस गार्डन के लिए ऑनलाइन टेंडर कर दिए गए हैं। धर्मशाला में ट्यूलिप गार्डन के लिए फूल नीदरलैंड से मंगवाए जाएंगे। नीदरलैंड के सहयोग से ही ट्यूलिप गार्डन का डिजाइन किया जा रहा है। गार्डन में कितनी तरह के और कितने रंग के फूल लगाए जाएंगे, इसका खाका नीदरलैंड की सरकार के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। दावा है कि धौलाधार की वादियों में बनने वाला फूलों का ये बाग एशिया का सबसे सुंदर फूलों का गार्डन होगा। इसे अगले वर्ष तक तैयार करने का लक्ष्य है।
इसका काम एक-दो माह के भीतर शुरू होने की संभावना है। ट्यूलिप गार्डन प्रोजेक्ट के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तीय मदद देगा और इसकी देखरेख पर्यटन विभाग करेगा। ट्यूलिप गार्डन प्रोजेक्ट से सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अभी तक एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन सिर्फ श्रीनगर में है। यहां 40 रंग के फूलों की प्रजातियों के 10 लाख फूल लगाए गए हैं।
पर्यटकों और फिल्म निर्माताओं को रिझाएगा गार्डन
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि धर्मशाला में ट्यूलिप गार्डन सिद्धबाड़ी के पास तपोवन में 200 कनाल सरकारी भूमि पर बनेगा। इसके लिए फूल नीदरलैंड से मंगवाए जाएंगे। ऑनलाइन टेंडर हो चुके हैं। अगले वर्ष तक ट्यूलिप गार्डन बनकर तैयार हो जाएगा। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र होगा।
क्या है ट्यूलिप
ट्यूलिप नीदरलैंड का अनौपचारिक राष्ट्रीय फूल है। यह अपनी सही समरूपता के लिए विश्व भर में विख्यात है। इस फूल का गहरा रंग और सुंदर आकार मन को मोह लेता है। इसकी कई खूबसूरत प्रजातियां और दर्जनों रंग होते हैं।
ट्यूलिप गार्डन बनने के बाद स्मार्ट सिटी बन रहा धर्मशाला फिल्म सिटी के रूप में उभर सकता है। श्रीनगर ट्यूलिप गार्डन में कई ऐड, बॉलीवुड व हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। इसके बनने से धर्मशाला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। Published by Arvind Thakur