कबायली क्षेत्रों में बढ़ाएं मोबाइल कनेक्टिविटी, हाईकोर्ट ने मांगी ये जानकारी
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प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएसएनएल के प्रबंध निदेशक सहित मुख्य महाप्रबंधक शिमला को राज्य के कबायली क्षेत्रों में मोबाइल टेलीफोन कनेक्टिविटी की वर्तमान स्थिति बताने के आदेश जारी किए हैं। इन कबायली क्षेत्रों में विशेषतया लाहौल और स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्रों में किलाड़ (पंगी घाटी) और भरमौर क्षेत्र शामिल हैं।
कोर्ट ने बीएसएनएल को इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और सुधार के लिए प्रस्तावित कदमों की जानकारी देने के आदेश भी दिए हैं। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने वीरेंद्र ठाकुर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए। मामले पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी।
जनजातीय क्षेत्रों में डाक सेवाओं का भी पूछा स्टेटस
याचिका में कहा गया है कि किन्नौर और लाहौल स्पीति प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में हैं। यहां मोबाइल फोन विशेष रूप से इंटरनेट कनेक्टिविटी की भारी कमी है। यहां पर्यटकों व अन्य स्थानीय निवासियों को मोबाइल फोन सिग्नलों की कमी के कारण भारी मुश्किलों से गुजरना पड़ता है।
पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण इन जिलों में मोबाइल कनेक्टिविटी की सख्त आवश्यकता है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी के कारण इन क्षेत्रों के लोग विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं से अंजान रहते हैं। छात्र विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए फार्म भरने से वंचित रहते हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से होते हैं।
याचिकाकर्ता ने लाहौल स्पीति के हिकम डाकघर में डाक टिकटों की कमी को भी उजागर किया है। कोर्ट ने मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल को जनजातीय क्षेत्रों में डाक सेवाओं की उपलब्धता की स्टेटस रिपोर्ट दायर करने व वहां डाक टिकटों, पोस्ट कार्ड आदि की कोई कमी नहीं होने देने के निर्देश भी दिए।