यहां पड़ी आयकर विभाग की रेड, व्यापारियों में मचा हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयकर विभाग ने सोलन में एक नामी कारोबारी के ठिकानों पर दबिश देकर आयव्यय से जुड़े तमाम रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान टैक्स अदायगी में गड़बड़ी पाए जाने पर उड़नदस्ते ने मौके पर ही करीब नौ लाख रुपये की रिकवरी कारोबारी से की है।
इसके अलावा व्यापारी से कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सोलन शहर में आयकर विभाग की यह दूसरी रेड है। इससे पूर्व एक बिल्डर और कारोबारी के अलग-अलग ठिकाने खंगाले गए थे।
मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आयकर विभाग के उड़नदस्ते ने कारोबारी के ठिकानों पर दस्तक दी। इस दौरान एक के बाद एक अलग-अलग जगह जाकर रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल चलती रही।
आयकर विभाग के हाथ लगे कई पुख्ता सुबूत
उड़नदस्ते ने शोरूम को आधा बंद कर दिया और पुलिस की मौजूदगी में कारोबारी से सवाल-जवाब करते रहे। इस दौरान शोरूम में मौजूद कर्मचारियों और संचालकों को बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई। शो रूम के जो लोग बाहर थे उनमें से किसी को भी अंदर नहीं आने दिया गया।
दोपहर बाद तक चले इस अभियान में आयकर विभाग के हाथ कई पुख्ता सुबूत लगे हैं। इसमें कारोबारी पर बिल सही न होने और टैक्स अदायगी न करने की बात पुख्ता हो गई। इसे आधार बनाकर विभागीय टीम ने कारोबारी पर पेनल्टी लगाते हुए उसके सभी दस्तावेज जब्त कर लिए।
विभाग इन दस्तावेजों की जांच आगामी एक सप्ताह में करेगा। यदि इस दौरान टैक्स अदायगी न करने जैसी किसी बात का खुलासा होता है तो विभाग आगामी कार्रवाई अमल में ला सकता है।
आयकर विभाग ने लगाई है पेनल्टी
फिलहाल आयकर विभाग की इस दबिश की भनक लगते ही पूरे शहर में कारोबारियों के होश उड़ गए। आयकर विभाग की यह दबिश शहर भर में चर्चा का केंद्र बन गई।
आयकर विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान टैक्स अदायगी से जुड़े दस्तावेज सही नहीं पाए गए हैं। इसके चलते कारोबारी पर पेनल्टी लगाई गई है। यह पेनल्टी 9 से 10 लाख के बीच है। इसकी अदायगी भी कारोबारी ने कर दी है।
बताया कि अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं जिनकी जांच आगामी कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी। यदि जांच में कुछ गड़बड़ी पाई जाती है तो आयकर विभाग कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि यह दबिश एक ही कारोबारी के दो अलग-अलग ठिकानों पर हुई है।