फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही इन कार्यों पर भी लगी ब्रेक, मंत्री और नेताओं के बंधे हाथ

Fri, 13 Oct 2017 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 13 Oct 2017 10:37 AM IST
विज्ञापन
 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

विधानसभा चुनाव की तारीख के एलान के साथ ही सूबे में आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही विभिन्न तरह के कार्यों पर भी रोक लग गई है। 

विज्ञापन

आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों पर प्रतिबंध लग गया है। 

किसी भी तरह के उद्घाटन या शिलान्यास और किसी भी नए प्रोजेक्ट को न तो वित्तीय स्वीकृति दी जा सकेगी, न बजट जारी नहीं किया जा सकेगा। कोई नई घोषणा भी मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं कर सकेंगे। नई नियुक्ति पर भी ब्रेक लग जाएगा। 
विज्ञापन


मंत्रिमंडल की कोई बैठक भी नहीं हो सकेगी। इसके अलावा सत्ताधारी दल की उपलब्धियों का सरकारी खर्च पर प्रसार प्रचार नहीं किया जा सकेगा। बिना अनुमति के लाउड स्पीकर का भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। विश्रामगृहों, डाक बंगलों के अलावा अन्य सरकारी आवासों पर काबिज सत्ताधारियों को खाली करना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

घोषणा पत्र के लिए ये रहेगी शर्त

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

आदर्श आचार संहिता में इस बार राजनीतिक दलों के चुनाव घोषणापत्रों को भी शामिल किया गया है। राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि घोषणापत्र में किए जाने वाले वायदों को वे कैसे पूरा करेंगे। यह भी बताना होगा कि इसके लिए वित्तीय व्यवस्था किस तरह करेंगे।

चुनावी दौरों को सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल पर रोक
चुनावी दौरों के लिए मंत्रियों को सरकारी वाहनों के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं होगी। किसी भी निजी या राजनीतिक गतिविधि में शामिल होने के लिए वे सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इनका इस्तेमाल सिर्फ ऑफिस से घर और घर से ऑफिस जाने के लिए किया जा सकेगा।

इन कार्यक्रमों पर भी रहेगी आयोग की नजर

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct
आचार संहिता लागू होने के साथ ही सूबे में होने वाले किसी भी तरह के सामूहिक कार्यक्रम पर भी आयोग की नजर रहेगी। शादी हो, मुंडन या जन्मदिन, या किसी अन्य तरह का धार्मिक अनुष्ठान।

आयोग हर ऐसे कार्यक्रम पर नजर रखेगा। साथ ही अगर प्रत्याशी उस कार्यक्रम में शिरकत करेगा तो उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

आचार संहिता की खास बातें

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

- किसी दल या प्रत्याशी को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों, धर्मों या भाषाई समुदायों के बीच विरोध या मतभेद पैदा करे या पहले से मौजूद मतभेदों को बढ़ाए। 

- व्यक्तिगत जीवन के पहलुओं पर किसी तरह की टिप्पणी या बयान नहीं दिया जाना चाहिए। 

- आलोचना या बयान ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो या तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों पर आधारित नहीं होनी चाहिए।

- वोट प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही राजनीतिक दल प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल न हो।

- ऐसे कार्य न हों, जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं। इनमें मतदाताओं को रिश्वत देना, परेशान करना, मतदान केंद्र के सौ मीटर के भीतर वोट मांगना, प्रचार बंद होने के बाद भी सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को अपने वाहन से मत डालने के लिए ले जाना और वापस लाना।

प्रत्याशी और पार्टी के लिए ये शर्तें

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

- प्रत्याशी या पार्टी किसी दूसरे व्यक्ति या प्रत्याशी के कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घर के बाहर प्रदर्शन नहीं करेंगे। बिना संपत्ति मालिक की अनुमति के उसके घर या दीवार पर होर्डिंग, बैनर, झंडा या पोस्टर न लगाएं।

- दल और प्रत्याशी दूसरे दलों के कार्यक्रमों में बाधा नहीं पहुंचाएंगे। जुलूस आदि ऐसे रास्ते से नहीं ले जाना चाहिए, जहां पहले से दूसरे दल या प्रत्याशी की सभा या जुलूस हो। 

- प्रस्तावित सभा के स्थान और समय के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों से पूर्व में अनुमति लेनी चाहिए, ताकि वह कानून और ट्रैफिक व्यवस्था कर सकें।

- प्रस्तावित सभा के लिए लाउड स्पीकर या किसी अन्य सुविधा को हासिल करने के लिए दल या प्रत्याशी को पहले आवेदन करना चाहिए।

​- सभा आयोजक सभा में विघभन डालने वाले लोगों से निपटने को पुलिस की मदद लें, खुद कोई कार्रवाई न करें।

आचार संहिता के फेर में फंसे सरकार के बड़े फैसले

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

हिमाचल में आदर्श आचार संहिता के लागू होने से सरकार के बड़े फैसले लटक गए हैं। सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में भले ही साधु-संतों को जमीन बेचने का अधिकार देने के लिए सिलिंग एक्ट में संशोधन करने को मंजूरी दी है लेकिन इसे लागू करने के लिए सरकार की ओर से अध्यादेश नहीं लाया गया।

इसी तरह उद्योगपति हिमाचल से बाहर न जाएं इसको लेकर भी सरकार ने पूंजीपतियों को टैक्स में छूट देने का फैसला लिया था। इस मामले में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी नहीं हुई है। चाय बागान भूमि उपयोग के नियमों को बदलने और सोने की रिफाइनरी को राहत देने का मामला भी लटक गया है। 

पांच कैबिनेट की बैठकें, अधिकांश में नहीं हुई अधिसूचना

 inauguration and foundation stone Withheld due to Model Code of Conduct

हिमाचल सरकार ने एक महीने के भीतर करीब पांच कैबिनेट की बैठकें की है। अधिकांश मामलों को अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसमें उपतहसील को तहसील बनाने का दर्जा, स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने, स्कूलों का दर्जा बढ़ाया जाना, रिक्त पदों को भरे जाना आदि अनेकों मामले हैं, जो लटक गए हैं।

सरकार का कोई भी निर्णय तक सही नहीं माना जाता है, जब तक उसकी अधिसूचना आचार संहिता से पहले लागू नहीं हो जाती है। सरकार को अब जनहित के फैसले पर निर्णय लेने के लिए इलेक्शन कमीशन की अनुमति लेनी होगी। अपनी मर्जी से सरकार कोई भी निर्णय नहीं ले सकेंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed