एसबीआई परीक्षा देने वाले 'मुन्नाभाईयों' को मिली जमानत
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एसबीआई क्लर्क भर्ती परीक्षा मामले में सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को मंगलवार जिला कचहरी में पेश किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को अदालत ने जमानत दे दी। आरोपी एक दिन के पुलिस रिमांड पर थे। इस पूरे मामले में पुलिस आरोपियों से कुछ भी नहीं उगलवा पाई।
आरोपी उन्हें बस एक बात बताते रहे कि जिन की जगह पर पेपर देने बैठे थे वह उनके दोस्त और रिश्तेदार थे लेकिन पुलिस को इनकी कहानी पर विश्वास नहीं था लिहाजा पुलिस इनका तीन दिन का पुलिस रिमांड चाह रही थी। आरोपियों में दीपक, अमन सैनी, परवेश , आशीष, संदीप, राम मेहर, नेत्र रानी, आंचल और बलकार शामिल है। इनमें से अधिकांश आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं।
असली अभ्यर्थी अभी तक फरार
पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई कि आरोपी दूसरों की जगह ऑनलाइन पेपर दे रहे थे। असली अभ्यर्थी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी होनी है। इसके अतिरिक्त आरोपी के नमूना हस्ताक्षर अंग्रेजी तथा निशान अंगूठा हासिल किए जाने हैं। विभिन्न मुकदमों में शामिल तमाम आरोपी हरियाणा राज्य तथा चंडीगढ़ से संबंध रखते हैं।
ऐसा संभव है कि नकल करवाने में काफी बड़ा गिरोह सक्रिय हो इसलिए आरोपियों से पूछताछ करना जरूरी है। आरोपी के नाम व पता भी सत्यापित किए जाने हैं। पुलिस की ओर से तीन दिन का रिमांड मांगा गया। अभियोजन पक्ष की ओर से उप न्यायवादी विनय वर्मा और आरोपियों की तरफ से अदालत में अधिवक्ता बलराम शर्मा और कमल कुमार पेश हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को जमानत देने का फैसला सुनाया।