प्रदेश को फख्र है इन होनहार बेटों पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैजनाथ निवासी डा. अनिल सूद के बेटे मुदित सूद ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है। शनिवार को देहरादून स्थित आईएमए (इंडियन मिल्ट्री अकादमी) में आयोजित पास आउट परेड के दौरान मुदित के पिता डा. अनिल सूद और माता अनिता सूद ने उन्हेें स्टार लगाकर सुसज्जित किया।
मुदित सूद माउंट कार्मल स्कूल के छात्र रहे हैं। वह शुरू से ही भारतीय सेना में सेवाएं देने के इच्छुक थे। मुदित जल्द लेह में भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देंगे। मुदित के पिता दंत चिकित्सक हैं, जबकि माता माउंट कार्मल स्कूल में अध्यापक हैं।
उन्हाेंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों व अध्यापकों को दिया है। उनके परिजनाें कमला सूद, मेधवी सूद, घनश्याम अवस्थी, चाचा अनु सूद, ऋषभ अवस्थी ने इस सफलता पर खुशी जताई है।
पालमपुर के नीलेश बने लेफ्टिनेंट
इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून से पासिंग आउट परेड के बाद रियल एस्टेट गांव खलेठ (पालमपुर) के नीलेश ठाकुर ने लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन पास किया है। शनिवार को पासिंग परेड की इस घड़ी में नीलेश के पिता बरजिंद्र ठाकुर और माता रीटा ठाकुर गवाह बने हैं।
नीलेश ठाकुर ने प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल स्कूल ठाकुरद्वारा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई बद्दी यूनिवर्सिटी से प्राप्त की है। नीलेश के पिता बरजिंद्र और माता रीटा ने कहा कि नीलेश ठाकुर शुरू से ही पढ़ाई और खेल गतिविधियों में कामयाबी हासिल करते रहे हैं।
उनके बेटे ने पालमपुर का नाम रोशन किया है। लेफ्टिनेंट नीलेश ठाकुर ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है।
नूरपुर के हर्षित बने लेफ्टिनेंट
नूरपुर व्यापार मंडल के प्रधान अश्वनी सूरी के पुत्र हर्षित सूरी सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। पिता अश्वनी सूरी ने बताया कि हर्षित ने 8वीं से जमा दो तक शिक्षा राष्ट्रीय इंडियन मिल्ट्री कॉलेज (आरआईएमसी) देहरादून से हासिल की।
वर्ष 2010 में हर्षित का एनडीए में चयन हुआ। तीन साल के प्रशिक्षण के पश्चात हर्षित ने बीते दिन सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह और उनका परिवार हर्षित के साथ देहरादून में मौजूद रहा।
हर्षित ने सफलता का श्रेय दादा एवं भाजपा नेता स्व. लाला हेमराज सूरी, दादी स्व. दयावंती सूरी, पिता अश्वनी सूरी, माता मंजू सूरी और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रजनी शर्मा को दिया है। हर्षित के पिता प्रमुख सर्राफ हैं, जबकि माता गृहिणी हैं।
सरकाघाट के आशीष बने लेफ्टिनेंट
सरकाघाट उपमंडल के चम्याणूनिवासी आशीष राणा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। पिता कैप्टन एचएस राणा तथा माता मीना राणा के घर जन्में आशीष राणा (22) 14 जून को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में पासआउट हुए। आशीष भारतीय सेना की इंजीनियर रेजिमेंट नॉर्थ ईस्ट में सेवाएं देंगे।
आशीष के पिता कैप्टन एचएस राणा सुंदरनगर के राजकीय बहुतकनीकी में एनसीसी अधिकारी के पद पर हैं। उनके साथ माता मीना राणा, प्रदीप कुमार, सावित्री देवी, जानकी देवी, श्रवण कुमार और ब्रह्मी देवी भी देहरादून में उपस्थित थे।
पिता ने बताया आशीष ने प्रारंभिक शिक्षा डीएवी हमीरपुर, जमा दो महावीर स्कूल सुंदरनगर एवं बीटेक एनआईटी हमीरपुर से की। इसके उपरांत एनडीए के लिए चयन हुआ। आशीष ने अपनी कामयाबी का श्रेय पिता एचएस राणा ठाकुर तथा माता मीना राणा, दादा-दादी तथा नाना-नानी को दिया है।
सुन्नी के सजल बने सेना में लेफ्टिनेंट
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में 14 जनू को हुई पासिंग आउट परेड में सुन्नी के सजल गुप्ता लेफ्टिनेंट बने हैं। मूल रूप से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत सुन्नी के रहने वाले सजल गुप्ता के आदर्श उनके दादा स्वर्गीय केएल गुप्ता हैं।
सजल के पिता नरेश गुप्ता वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थाची (सुन्नी) में प्रिंसिपल हैं और मां बीना गुप्ता वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली में अध्यापिका हैं। सजल ने सुजानपुर टिहरा से जमा दो तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद पंजाब विश्वविद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की है।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय सजल 4 ने अपने माता-पिता और बहन महक गुप्ता को दिया है। सजल को कुमाऊं रेजिमेंट में पहली पोस्टिंग मिली है।
लेफ्टिनेंट बने बदेड़ा के अभिषेक
ग्राम पंचायत मंझेली के बदेड़ा गांव के अभिषेक की सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हुई है। अभिषेक की उपलब्धि पर गांव में प्रसन्नता का माहौल है। अभिषेक के घर लौटने पर परिजनों तथा गांववासियों ने स्वागत किया। अभिषेक के पिता कमल देव सेना से ही सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
माता रीता देवी, बहन शिल्पा काफी प्रसन्न हैं। अभिषेक ने दादा हवलदार गुलाबा सिंह का सपना पूरा किया है। दादा कहते थे कि पोता लेफ्टिनेंट बनेगा।
सेना की आर्म्ड रेजीमेंट की तीसरी कंपनी में 13 जून को देहरादून में अभिषेक के भर्ती होने का समाचार ग्रामीणाें को मिला तो प्रसन्नता की लहर दौड़ गई। घर पहुंचने पर अभिषेक का स्वागत हुआ। अभिषेक की शुरूआती शिक्षा टीआर डीएवी कांगू में हुई। फिर जमा दो सैनिक स्कूल सुजानपुर से की।