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Shimla News: गरीबों को दिए आवासों में अवैध निर्माण, सबलेटिंग का भी अंदेशा
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आशियाना टू प्रोजेक्ट के तहत ढली में बनाए 13 आवासों को लेकर नगर निगम के पास पहुंची शिकायत
गरीबों को दिए घरों के बाहर खड़ी हो रही महंगी गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गरीब और बेघर परिवारों को दिए आवासों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आई हैं। ढली में बनाए इन आवासों में कई लोगों ने अवैध निर्माण कर दिया है।
यही नहीं, आरोप है कि कुछ लोगों ने तो अपने आवास आगे किराये पर सबलेट कर दिए हैं। ऐसे 13 आवासों की नाम सहित लिखित शिकायत नगर निगम के पास पहुंच गई है। उधर निगम ने भी शिकायत पर संपदा शाखा की टीम को मौके पर जाकर चेक करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के अनुसार आशियाना टू प्रोजेक्ट के तहत ढली में यह आवास बनाए गए थे। भूमिहीन और बेघर परिवारों को इनका आवंटन किया है। इस आवंटन पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। आवासों के बाहर खड़ी हो रही महंगी गाड़ियों से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह कैसे गरीब हैं। कई आवास जहां सालों से बंद पड़े हैं तो कई ऐसे हैं जिन्हें आगे किराये पर दे दिया है।
13 आवासों में गड़बड़ी के आरोप
नगर निगम के अनुसार कुछ आवासों में रहने वाले पांच लोगों ने अवैध निर्माण कर बालकनी तैयार कर दी है। कुछ लाभार्थी ऐसे हैं जिनके शहर में अपने मकान भी हैं। दो आवास ऐसे हैं जिन्हें आगे किराये पर दे रखा है। एक में होमस्टे चलाने का भी आरोप है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा ने माना कि उनके पास ऐसी शिकायतें आई हैं। इसमें मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
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गरीबों को दिए घरों के बाहर खड़ी हो रही महंगी गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गरीब और बेघर परिवारों को दिए आवासों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आई हैं। ढली में बनाए इन आवासों में कई लोगों ने अवैध निर्माण कर दिया है।
यही नहीं, आरोप है कि कुछ लोगों ने तो अपने आवास आगे किराये पर सबलेट कर दिए हैं। ऐसे 13 आवासों की नाम सहित लिखित शिकायत नगर निगम के पास पहुंच गई है। उधर निगम ने भी शिकायत पर संपदा शाखा की टीम को मौके पर जाकर चेक करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के अनुसार आशियाना टू प्रोजेक्ट के तहत ढली में यह आवास बनाए गए थे। भूमिहीन और बेघर परिवारों को इनका आवंटन किया है। इस आवंटन पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। आवासों के बाहर खड़ी हो रही महंगी गाड़ियों से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह कैसे गरीब हैं। कई आवास जहां सालों से बंद पड़े हैं तो कई ऐसे हैं जिन्हें आगे किराये पर दे दिया है।
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13 आवासों में गड़बड़ी के आरोप
नगर निगम के अनुसार कुछ आवासों में रहने वाले पांच लोगों ने अवैध निर्माण कर बालकनी तैयार कर दी है। कुछ लाभार्थी ऐसे हैं जिनके शहर में अपने मकान भी हैं। दो आवास ऐसे हैं जिन्हें आगे किराये पर दे रखा है। एक में होमस्टे चलाने का भी आरोप है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा ने माना कि उनके पास ऐसी शिकायतें आई हैं। इसमें मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
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