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Crime: हिमाचल प्रदेश वन विभाग में ईको टूरिज्म के नाम पर 11.55 लाख की अवैध वसूली, विजिलेंस को भेजी शिकायत
Sun, 19 Apr 2026 09:49 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Apr 2026 09:49 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश वन विभाग में ईको टूरिज्म गतिविधियों के नाम पर कथित अवैध वसूली हुई है। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक यह गैर पंजीकृत कमेटी पिछले तीन साल में 11,51,627 रुपये की वसूली कर चुकी है। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश वन विभाग में ईको टूरिज्म गतिविधियों के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शिमला जिले के कंडयाली निवासी रणविजय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि ईको टूरिज्म मैनेजमेंट सोसायटी रामपुर के तहत एक गैर पंजीकृत कमेटी ने यहां आने वाले पर्यटकों से प्रवेश शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की है।
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पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक यह गैर पंजीकृत कमेटी पिछले तीन साल में 11,51,627 रुपये की वसूली कर चुकी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह वसूली वरिष्ठ अधिकारियों के मौखिक निर्देशों पर की गई। उन्होंने शिमला सर्किल के एक वन अधिकारी को इस कथित घोटाले का मास्टरमाइंड करार दिया है। उन्होंने रसीदें और डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए हैं।
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कुमारसैन पुलिस ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को देखते हुए शिकायत विजिलेंस को भेज दी है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए कुछ अधिकारी उन्हें डरा धमका रहे हैं और झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं।
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मामले की शिकायत मिली है। वन विभाग के प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल से इसे लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर ही अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - कमलेश कुमार पंत, सचिव वन एवं गृह
शिकायत पर मुख्य वन संरक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। प्राथमिक चर्चा में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - संजय सूद, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (एचओएफएफ)