Shimla: प्लानिंग एरिया में एटिक बढ़ाने की आड़ में अवैध निर्माण, टीसीपी के पास प्रतिदिन आ रहीं शिकायतें
नगर नियोजन विभाग (टीसीपी) को लगातार अवैध निर्माण किए जाने को लेकर शिकायतें मिल रही हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टीसीपी और नगर निगम की परिधि में भवन मालिक छत (एटिक) बढ़ाने की आड़ में अवैध निर्माण कर रहे हैं। नगर नियोजन विभाग (टीसीपी) को लगातार अवैध निर्माण किए जाने को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। विभाग की ओर से इन भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई मामलों में विभाग ने जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को बिजली और पानी के कनेक्शन न दिए जाने के लिए पत्र लिखा है। प्रदेश सरकार ने सिर्फ ढाई मंजिला भवन मालिकों को एटिक का ऊंचाई बढ़ाने की राहत दी है लेकिन प्लानिंग एरिया में इससे ज्यादा मंजिलें वाले भवन मालिक भी अवैध निर्माण कर रहे हैं। कई लोग बिना नक्शे के भी भवनों का निर्माण कर रहे हैं। दरअसल प्रदेश सरकार ने एटिक की ऊंचाई (भवन की छत) बढ़ाई है।
पहले ये 2.75 मीटर थी। इसे रिहायशी बनाने की अनुमति भी नहीं थी। अब प्रदेश सरकार ने मकानों की छत की ऊंचाई बीच से 3.05 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति दी है। इसे रिहायशी किए जाने का भी फैसला लिया गया है। नियमों के तहत जिन लोगों के दो मंजिला मकान बन गए हैं, अगर वह छत की ऊंचाई बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें संशोधित नक्शा टीसीपी कार्यालय और एमसी कार्यालय में जमा कराना होगा। उसके बाद ही उन्हें इसका लाभ दिया जा सकता है। अब सरकार ने एटिक में बिजली और पानी के कनेक्शन देने का फैसला भी लिया है। गौरतलब है कि लोग लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय में एटिक को रिहायशी बनाने की मांग कर रहे थे। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने लोगों को इस बारे में आश्वस्त किया था। प्रधान सचिव टीसीपी देवेश कुमार ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।