IIT Mandi Convocation: हिमाचली वेशभूषा में डिग्री पाकर चहके 636 प्रशिक्षु
हिमाचली वेशभूषा में पहाड़ी टोपी, कुर्ता-पायजामा पहनकर 463 युवक व साड़ी में 173 युवतियों ने डिग्री ली। इनमें स्नातक वर्ग में 297 स्नातक छात्र (6 बीटेक व एमटेक डुअल डिग्री), 284 स्नातकोत्तर छात्र और 55 पीएचडी शोधार्थी शामिल हैं।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के 12वें दीक्षांत समारोह में 2020-24 बैच कोविड काल के 297 इंजीनियर डिग्री पाकर चहक उठे। इस बैच ने शुरुआत में विपरीत परिस्थितियों के बीच करीब एक साल से अधिक समय ऑनलाइन ही पढ़ाई की है। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावा अन्य कोर्स के कुल 636 प्रशिक्षुओं को डिग्री मिली। हिमाचली वेशभूषा में पहाड़ी टोपी, कुर्ता-पायजामा पहनकर 463 युवक व साड़ी में 173 युवतियों ने डिग्री ली। इनमें स्नातक वर्ग में 297 स्नातक छात्र (6 बीटेक व एमटेक डुअल डिग्री), 284 स्नातकोत्तर छात्र और 55 पीएचडी शोधार्थी शामिल हैं।
समारोह में बतौर मुख्यअतिथि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज जैन शामिल हुए। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, डीआरडीओ में ईआर और आईपीआर के निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार आर्य, ब्रेनवेव साइंस के सीईओ कृष्णा इका शामिल हुए। समारोह में कुल 24 प्रशिक्षुओं को विभिन्न मेडलों से सम्मानित किया गया। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक स्नातक शाश्वत गुप्ता को स्नातक छात्रों में सर्वोच्च सीजीपीए प्राप्त करने के लिए राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
वहीं, बायो इंजीनियरिंग में बीटेक जैन हिया सुधीर को स्नातक विद्यार्थियों में सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन के लिए निदेशक स्वर्ण पदक मिला। इसके अतिरिक्त रसायन विज्ञान में एमएससी स्नातक देवांशु सजवान को समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संस्थान का स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। इन्हें मुख्यातिथि मनोज जैन ने यह पदक डिग्री के साथ दिए। इससे पहले समारोह का आगाज आईआईटी मंडी की रीति-नीति के अनुसार शुरू हुआ। इस साल स्नातक होने वाली छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2023 में 23.36 प्रतिशत की तुलना में 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 27.20 प्रतिशत हो गया है। इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा समेत अन्य गण्यमान्य मौजूद रहे।