विभाग की लापरवाही से लाखों की कैंसर दवाएं और इंजेक्शन एक्सपायर
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स्वास्थ्य महकमे की ढील की वजह से लाखों रुपये की कैंसर दवाएं एक्सपायर हो गईं। इसके अलावा कुछ दवाएं एक्सपायर होने की कगार पर हैं। दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने यह दवाएं ऐसे अस्पतालों में भेज दीं जहां कैंसर पीड़ितों का उपचार ही नहीं होता। इस कारण यह दवाएं वहां बेकार पड़ी रही हैं।
दवाएं जब एक्सपायर होने की कगार पर पहुंची तो स्वास्थ्य महकमे ने इन दवाओं को आईजीएमसी को भेजने के निर्देश दे दिए। अब आईजीएमसी प्रबंधन भी इन दवाओं को लेने से इंकार कर रहा है। आईजीएमसी प्रबंधन का कहना है कि दवाएं दस दिन बाद या एक माह बाद एक्सपायर हो जाएंगी। ऐसे में यह किसी काम की नहीं। इतनी मात्रा में इन दवाओं को खपाया नहीं जा सकता। इनमें कुछ दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं।
कई स्वास्थ्य संस्थान ऐसे हैं, जहां पर स्टॉक जस का तस पड़ा है और इसमें से एक भी इंजेक्शन तथा दवाओं का इस्तेमाल नहीं हुआ हैं। अब जब इन दवाओं की एक्सपायरी डेट नजदीक आई तो इन संस्थानों को निर्देश दिए कि यह दवाएं और इंजेक्शन आईजीएमसी को भेजे जाएं। स्वास्थ्य विभाग के इन निर्देशों के बाद अब आईजीएमसी प्रबंधन ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जता दी है।
आईजीएमसी प्रबंधन ने कहा कि अस्पताल में कैंसर मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल में इन दवाओं का टोटा है, ऐसे में स्वास्थ्य निदेशालय ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की सप्लाई कर रहा है जहां पर इनका इस्तेमाल ही नहीं होता।
आईजीएमसी प्रबंधन ने विभाग द्वारा दिए इन निर्देशों के बाद अपने पास पूरा विवरण एकत्र कर इसकी रिपोर्ट तैयार करके इसे सरकार को भेजने का फैसला लिया है कि आखिर किस तरह से लाखों की दवाएं मरीजों के काम न आकर इन अस्पतालों में बर्बाद हो रही हैं।
सितंबर माह में भेजी एक्सपायरी दवाओं की जानकारी
बिलासपुर अस्पताल से आईजीएमसी को वापस भेजे कैंसर का लीयूकोवरिन वेलक्यूम इंजेक्शन का एक बैच अक्तूबर में एक्सपायर हो जाएगा। दूसरे बैच की एक्सपायरी डेट नवंबर की है। इसी तरह ऑक्सेलीप्लेटिन 50 एमजी अक्तूबर और 100 एमजी की एक्सपायरी डेट जनवरी 2020 की है। इसी तरह टोपोटिकॉन 25 एमजी के इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट दिसंबर की है। रोहड़ू अस्पताल में इंजेक्शन पेमीटरेक्सऐट 500 एमजी और पेक्लीटेक्सल 260 एमजी एक्सपायर हो चुका है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने इंजेक्शन पेमीटरेक्सऐट 500 एमजी की आठ वाइल, लीयूकोवरिन 50 एमजी की बीस वाइलस, टैब बिकालुटामिड 50 एमजी की 120 गोलियां, लेटरोजोल 2.5 एमजी की 90 गोलियां, सोराफेनिब 200 एमजी 60 टैबलेट, एपिरबिकिन 50 एमजी 25, सिसप्लेटिन 50 एमजी की 12 टेबलेट, जेमसिटाबिन एक ग्राम की 5 टेबलेट, पेमीट्रेक्सड 500 एमजी 1 और 100 एमजी की 2 टेबलेट दवाओं की खेप आईजीएमसी को भेजी हैं। इसमें से कुछ एक्सपायर हो चुकी हैं तथा कुछ एक्सपायर होने वाली हैं।