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IGMC के हाल: टेस्ट के लिए मरीज को दे दी 9 माह बाद की तारीख
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:00 AM IST
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आईजीएमसी में मरीज के साथ एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बहरापन का इलाज करवाने पहुंचे सिरमौर के मरीज को प्रबंधन ने सामान्य टेस्ट के लिए नौ माह बाद की तिथि दी है। पर्ची पर मरीज को आठ दिसंबर को टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल आने को कहा गया है। मामले पर अस्पताल प्रबंधन से जवाब देते नहीं बन रहा है। डेट देने की क्या वजह रही, इस बारे में अस्पताल प्रशासन भी कुछ भी कहने से बच रहा है।
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इतना जरूर कह रहा है कि इस टेस्ट के लिए मरीजों इतनी लंबी वेटिंग नही है। संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष से जब इस मामला जानना चाहा तो उन्होंने दो टूक कहा यह कोई गंभीर मरीज नही था यह किसी की सिफारिश पर टेस्ट करवाने आया था। इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। सोमवार को नाहन मेडिकल कॉलेज से चेतराम (39) नाम के एक व्यक्ति को बहरापन के टेस्ट करवाने के लिए आईजीएमसी भेजा था।
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मरीज का ब्रेन स्टेम इवोक्ड रिस्पांस ओडियोमीटरी टेस्ट होना था। ऐसे में जब यह व्यक्ति इस टेस्ट को करवाने के लिए ईएनटी विभाग में पहुंचा तो वहां मौजूद विभाग के विभागाध्यक्ष ने मरीज को आठ दिसंबर 2017 की डेट पर्ची पर लिख कर थमा दी। पर्ची पर डेट देखी तो मरीज के होश उड़ गए। बताया जा रहा है कि मरीज को अस्पताल के ही एक वरिष्ठ डॉक्टर ने इस विभाग में भेजा था।
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एक टेकनीशियन के सहारे काम
अस्पताल में केवल एक ही टेकनीशियन है। उसी के सहारे काम चल रहा है। जो मरीज बहरापन का टेस्ट करवाने आया था वह पेशेंट नही था केवल रिपोर्ट ही बनाना चाह रहा था। ऐसे में अगर किसी को टेस्ट करवाने है तो रुटीन में लंबी डेट ही मिल पा रही है।- डॉ. एनके महेंद्रु, - ईएनटी विभागाध्यक्ष
पूरे जिले में है एक मशीन
बहरापन की जांच के लिए पूरे जिले में एक ही मशीन है। जबकि टांडा में मशीन है लेकिन वह काम नही कर रही है। ऐसे में अन्य जिलों से मरीज यहां पर उपचार के लिए पहुंच रहे है।
एक दिन में केवल एक टेस्ट
आईजीएमसी में एक दिन में केवल एक ही टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में काफी समय लगता है। जबकि अस्पताल में एक ही तकनीशियन के सहारे काम चल रहा है। जबकि एक अन्य टेकनीशियन को नाहन मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर किया गया हैं।