बाबा अमरदेव प्रकरण : जांच करने खुद पहुंचे आईजी, सामने आया ये सच
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हिमाचल के बहुचर्चित रामलोक मंदिर और बाबा अमरदेव प्रकरण की जांच आईजी दक्षिण रेंज ने शुरू कर दी है। आईजी जहूर एच जैदी ने बुधवार को मंदिर परिसर का दौरा किया। यहां उन्होंने लोगों के बयान दर्ज किए। उनके साथ पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा भी मौजूद रहीं।
मौके पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने करीब 24 ग्रामीणों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। उन्होंने इस मामले में बाबा को लेकर ग्रामीणों की मंशा भी जानी। अधिकारियों ने बाबा की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे के बारे भी विस्तार से पड़ताल की।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि 26 अप्रैल को बाबा और ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर हुई मारपीट के संदर्भ में जो जांच चल रही है, वह अपने स्तर पर जारी रहेगी। इसके अलावा तेंदुए की खालें मिलने के मामले की जांच अलग से है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया ये सच
बाबा की गाड़ी में वायरलेस लगे होने की सूचना के बाद टीम ने गाड़ियों की जांच की। पुलिस टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि गाड़ी में लगा यंत्र वायरलेस नहीं बल्कि लाउड स्पीकर है। पुलिस इसे पहले वायरलेस सेट मान रही थी।
हालांकि, इस मामले पर पूर्ण रूप से पर्दा गाड़ी खोलने के बाद ही उठेगा। बाबा और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद को लेकर बाबा को सरकार का संरक्षण मिलने के आरोप भी लगते रहे हैं।
मामले की जांच करने पहुंचे थे आईजी : एसपी
पुलिस अधीक्षक अंजुम आरा ने बताया कि आईजी जहूर एच जैदी राम लोक मंदिर प्रकरण में जांच अधिकारी के तौर पर आए थे। यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है और जल्द ही जांच के बाद मामले का रुख साफ हो जाएगा।
बाबा अमरदेव को अस्पताल से छुट्टी
आईजीएमसी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ रहे बाबा अमरदेव को छुट्टी दे दी गई है। अमरदेव बीते करीब दो सप्ताह से अस्पताल में दाखिल थे। इनका इलाज अस्पताल के वीआईपी रूम में पुलिस के कड़े पहरे में चल रहा था।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी इनका कुशलक्षेम पूछने आए थे। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि बुधवार को डाक्टरों के परामर्श पर बाबा अमरदेव को छुट्टी दे दी गई है।