{"_id":"5dbd09828ebc3e017b4c181b","slug":"ias-officer-involved-in-scholarship-scam-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल के वरिष्ठ आईएएस अफसर तक पहुंची 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल के वरिष्ठ आईएएस अफसर तक पहुंची 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच
Sat, 02 Nov 2019 10:17 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 02 Nov 2019 10:17 AM IST
विज्ञापन
ढाई सौ करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच एक वरिष्ठ आईएएस अफसर तक पहुंच गई है। इस अधिकारी के पास कुछ साल पहले शिक्षा महकमे की जिम्मेवारी थी। आरोप है कि निजी शिक्षण संस्थानों को नियम दरकिनार कर ज्यादा बजट जारी किया गया। सीबीआई की पड़ताल में शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने यह खुलासा किया है।
विज्ञापन
केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की राशि के आवंटन में हुए घोटाले को लेकर पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान नियुक्त कई अफसरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ अफसरों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का 80 फीसदी बजट सिर्फ निजी संस्थानों में बांटा गया, जबकि सरकारी संस्थानों को छात्रवृत्ति बजट की मात्र 20 फीसदी राशि ही मिली।
विज्ञापन
निजी संस्थानों को यह राशि देने के लिए आईएएस अधिकारी ने उच्च शिक्षा निदेशालय में नियुक्त अफसरों पर दबाव बनाया। छात्रवृत्ति राशि के आवंटन में निजी शिक्षण संस्थानों को तरजीह दी गई। सरकारी संस्थानों के आवेदन आने के बावजूद पहले निजी संस्थानों के आवेदन वेबसाइट पर अपलोड किए गए। सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के इस खुलासे के बाद सीबीआई जल्द बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। संभावित है कि जल्द ही आईएएस अफसर से सीबीआई पूछताछ करेगी।
विज्ञापन
निजी संस्थानों को 210 करोड़, सरकारी को 56 करोड़ दिए
साल 2013-14 से लेकर 2016-17 तक 2772 शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 2.38 लाख अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी की गई। इसमें 2506 सरकारी संस्थान और 266 निजी शिक्षण संस्थान शामिल रहे। निजी संस्थानों को 210 करोड़ और सरकारी संस्थानों को 56 करोड़ की राशि दी गई।