धूल फांक रहीं दो करोड़ से खरीदीं टैक्सियां, प्रबंधन दे रहा ये तर्क
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ने विस चुनावों से पहले करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर टैक्सियां खरीदी हैं, लेकिन निगम अभी तक इन टैक्सियों को चला नहीं पाया है। नई टैक्सियां निगम की वर्कशॉपों में धूल फांक रही हैं। इन टैक्सियों को अभी तक निगम लोकल रूटों पर नहीं चला पाया है।
इसके चलते इन टैक्सियों से न तो निगम प्रबंधन को कोई कमाई हो रही है और न ही यात्रियों को सुविधा मिल रही है। एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश में विस चुनावों से पहले लाखों रुपये खर्च कर महिंद्रा कंपनी से 50 टैक्सियां खरीदी हैं।
इनकी बाजार कीमत 4.74 लाख से लेकर 5.31 लाख के बीच है। इसके चलते इन 50 टैक्सियों की कीमत दो करोड़ के बीच बताई जा रही है। इन टैक्सियों को प्रदेश के दो दर्जन बस डिपुओं में भेजा जा चुका है।
बताया जा रहा है कि इन टैक्सियों को एचआरटीसी ने जिला मुख्यालय के लोकल रूटों पर चलाना था। लेकिन आचार संहिता के लागू होने के कारण निगम इन टैक्सियों को सड़क पर नहीं चला पाया है।
पहले निगम प्रबंधन इन टैक्सियों को शुरू न करने के पीछे आचार संहिता का तर्क देता रहा। लेकिन आचार संहिता के खत्म होने के बाद अब निगम प्रबंधन इन टैक्सियों की परिवहन विभाग से पासिंग सर्टिफिकेट हासिल करने का तर्क दे रहा है।
टैक्सियों को जल्द सड़क पर उतारा जाए
दि उपभोक्ता संरक्षण संगठन हमीरपुर के जिला अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा ने कहा कि टैक्सियों को खरीदे हुए करीब तीन माह होने को हैं, लेकिन अभी तक लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने मांग की है कि एचआरटीसी प्रबंधन शीघ्र लोकल रूटों पर इन टैक्सियों को चलाए।
एचआरटीसी के महाप्रबंधक (ऑपरेशन) शिमला एचके गुप्ता ने कहा कि निगम प्रबंधन ने लोकल रूटों पर टैक्सी सुविधा प्रदान करने के लिए 50 छोटे वाहन खरीदे हैं। पहले आचार संहिता के कारण इनको शुरू नहीं किया जा सका। शीघ्र ही इन छोटे वाहनों को लोकल रूटों पर चलाया जाएगा।