फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hrtc strike in shimla.

एचआरटीसी कर्मचारी हड़ताल पर, शहर में जनता परेशान

Fri, 01 May 2015 10:30 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 01 May 2015 10:30 AM IST
विज्ञापन
hrtc strike in shimla.

एचआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल के चलते वीरवार को राजधानी सहित पूरे जिला शिमला में निगम की बसों की आवाजाही ठप है। प्राइवेट बसें चलती रहीं लेकिन इनमें तिल धरने की जगह नहीं मिली।

विज्ञापन


हड़ताल के चलते वीरवार को जिला शिमला में 450 रूटों पर एचआरटीसी की बसें रवाना नहीं हुई। अकेले राजधानी शिमला में ही एचआरटीसी के 172 रूट फेल हुए। निगम की स्कूल बसें न चलने से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


निगम कर्मचारियों की हड़ताल का वीरवार को व्यापक असर देखने को मिला। शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बसें न चलने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। विशेष रूप से ऐसे रूटों पर जहां सिर्फ एचआरटीसी की बसें चलती हैं दूसरा विकल्प न होने से लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजधानी शिमला में वीरवार सुबह से बसों की आवाजाही रोक दी गई। ओल्ड बस स्टैंड और टुटीकंडी आईएसबीटी के एंट्री और ऐग्जिट प्वाइंट आड़ी तिरछी बसें लगा कर रोक दिए गए। एचआरटीसी बसें न चलने पर प्राइवेट बस आपरेटरों ने मोर्चा संभाला। लोकल रूटों पर ओल्ड बस स्टैंड के बाहर से और लांग रूट पर आईएसबीटी के बाहर से बसों का संचालन किया गया।

परिवहन एवं सुरक्षा विधेयक के खिलाफ फूटा कर्मचारियों का गुस्सा

hrtc strike in shimla.

केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे सड़क परिवहन एवं सुरक्षा विधेयक के खिलाफ वीरवार को एचआरटीसी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति और सीटू नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

ओल्ड बस स्टैंड में प्रदर्शन के दौरान जेसीसी और सीटू के नेताओं ने विधेयक को संसद में पास न होने देने का ऐलान किया। हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के महासचिव खेमेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक परिवहन का बाजारीकरण कर इसे निजी हाथों में सौंपने जा रही है।

विधेयक यदि कानून का रूप लेता है तो देश के राज्य परिवहन उपक्रमों की समाप्ति का क्रम शुरू हो जाएगा। सीटू के प्रदेश महासचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि परिवहन निगमों को पूंजीपतियों के हवाले करने के मकसद से यह विधेयक लाया जा रहा है।

यदि विधेयक पास हो जाता है तो देश के करीब साढ़े सात लाख कर्मचारी नौकरी से बाहर कर किए जाएंगे। सीटू के कार्यकर्त्ताओं ने केंद्र सरकार को जम कर कोसा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पुलिस अधिकारियों के अलावा क्यूआरटी भी मौके पर मौजूद रही।

हरदयाल सिंह, युद्धराज मेहता, विद्यासागर, हरी लाल, शंकर सिंह, जीतराम चौधरी, सुभाष चंद, गोपाल लाल, अजय कुमार, रोशन चौहान, सत्या चौहान, विजेंद्र मेहरा, किशोरी ढटवालिया, विवेक कश्यप, रमाकांत मिश्रा, विकास राणा, महेंद्र कुमार, विनोद और राजेंद्र शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed