HRTC के हड़ताली कर्मचारियों पर फैसला टला
एचआरटीसी के 166 हड़ताली कर्मचारियों पर अवमानना मामले की सुनवाई 16 जुलाई तक टल गई। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने हड़ताल पर रोक के बावजूद 14 जून को हड़ताल की। कोर्ट ने एचआरटीसी कर्मचारी और संयुक्त समन्वयन समिति के अध्यक्ष पवन गुलेरिया, उपाध्यक्ष यशपाल सुल्तानपुरी, सचिव नीलकमल गुप्ता, प्रवक्ता पृथ्वीराज कैथ, कोषाध्यक्ष बृजलाल शर्मा और कार्यकारी सदस्य हरदयाल सिंह सहित 166 कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी पाया और कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट के आदेशानुसार उन कर्मचारियों के नाम बताए, जो रोक के बावजूद हड़ताल में शामिल हुए। हाईकोर्ट ने यह आदेश कम्युनिटी इनिशिएटिव ट्रस्ट की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद पारित किए थे। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने एचआरटीसी कर्मचारियों की 14 जून को प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी थी। स्पष्ट किया था कि कोई भी कानून कर्मचारियों को अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल पर जाने की इजाजत नहीं देता। सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन को आदेश दिए थे कि वे मामले की अगली सुनवाई तक कर्मचारियों से बात करें और उनकी तर्कसंगत मांगों को सुलझाने की कोशिश करें।
इसके बावजूद एचआरटीसी कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए हड़ताल में भाग लिया। हाईकोर्ट ने कम्युनिटी इनिशिएटिव ट्रस्ट द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि एचआरटीसी कर्मचारियों ने प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना की है। अवमानना याचिका की सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
ड्यूटी पर लौटे बर्खास्त 24 एचआरटीसी कर्मचारी
सरकार की ओर से बर्खास्त 24 एचआरटीसी कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए हैं। इन्होंने पुराने स्टेशनों पर ड्यूटी ज्वाइन की है। सरकार ने 30 कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। छह एचआरटीसी कर्मचारी नेताओं की वापसी होना बाकी है। निगम प्रबंधन का कहना है कि इनकी बर्खास्तगी का फैसला बीओडी की बैठक में लिया जाएगा।
चूंकि, इन्होंने समय रहते शपथपत्र नहीं दिए हैं। निगम प्रबंधन ने भले ही इन कर्मचारियों को बहाल कर दिया हो, लेकिन बर्खास्तगी के पीरियड को लेकर अभी भी असमंजस है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने 16 जून को बर्खास्तगी के निर्देश दिए थे। 23 जून तक इन्हें ऑर्डर नहीं मिले। बावजूद इसके कर्मचारी ड्यूटी पर आते रहे। 24 और 25 जून को इनको बर्खास्तगी के ऑर्डर दिए गए।
इस 16 और 17 दिन के पीरियड का क्या होगा, इस पर भी बीओडी बैठक में फैसला होगा। एचआरटीसी तकनीकी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, सर्व कर्मचारी महासंघ के महासचिव खमेंद्र गुप्ता और संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारी हरदयाल चौहान ने परिवहन मंत्री के फैसले का स्वागत किया है। इन नेताओं ने कहा कि 24 कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए हैं।