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बस चलाने और टिकट काटने की जगह मास्क बनाने में जुटे कर्मचारी
Mon, 04 May 2020 10:09 AM IST
अरविन्द ठाकुर
हितेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 04 May 2020 10:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिन हाथों में स्टेयरिंग नजर आते थे। बस में टिकट मशीन लेकर परिचालक के कदम सवारियों के टिकट काटने के लिए बढ़ते थे। आज ये कदम टेलरिंग मशीनों पर चल रहे हैं। हाथ स्टेयरिंग नहीं, बल्कि मशीन के हत्थे घुमा रहे हैं। बात हो रही है एचआरटीसी में सेवारत कर्मियों की। चालकों-परिचालकों समेत अन्य कर्मचारी मास्क बनाने में जुटे हैं। कर्मियों को 15 हजार मास्क बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
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कई जगह यह कार्य घर में चल रहा है तो निगम की कई कर्मशालाओं में भी यह काम किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद कर्मी थ्री लेयर मास्क बना रहे हैं। लॉकडाउन के बीच बस सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। चालक-परिचालकों समेत अन्य कर्मी मास्क तैयार कर रहे हैं। यह कार्य सभी को नहीं सौंपा है। कुछ सरकार के निर्देश पर बसों में भी सेवाएं दे रहे हैं। कुछ कर्मी बसों की देखरेख में तो कई मरम्मत कार्य में भी जुटे हैं।
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प्रदेश में एचआरटीसी की 27 वर्कशाप
प्रदेश में एचआरटीसी की कुल 27 वर्कशॉप हैं, जहां मास्क तैयार किए जा रहे हैं। जब तक बसें चलाने के लिए सरकार के आदेश न हों, तब तक बसों का भी रखरखाव किया जा रहा है। सरकार के आदेश मिलते ही निगम बसों की आवाजाही शुरू कर देगा। मास्क बनाने का काम लगभग सभी जगह पूरा हो चुका है। सड़कों पर बसें दौड़ते ही कर्मी अपनी कर्मशालाओं में तैयार मास्क पहनेंगे। सैनिटाइजर की व्यवस्था भी साथ होगी।
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सब कर्मियों को सौंपा है काम
क्षेत्रीय प्रबंधक रशीद शेख ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार मास्क बनाने का कार्य किया जा रहा है। नाहन में 600, प्रदेश भर में 15 हजार मास्क बनाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से आदेश होते ही बसें चलाई जाएंगी। फिलहाल, सरकार ने बसें न चलाने का फैसला लिया है। लिहाजा, तब तक कर्मियों को मास्क बनाने, बसों की देखरेख, मरम्मत और अन्य कार्य सौंपे गए हैं। मास्क सरकार को भी भेजे जाएंगे।