अब यहां रुक गई कंडक्टर भर्ती की फाइल, इस वजह से उलझ गया ये मामला
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पूर्व कांग्रेस सरकार के समय से ही विवादों में रही कंडक्टर भर्ती की फाइल अब सचिवालय में रुक गई है। पथ परिवहन निगम ने 4 जून को कंडक्टरों की तैनाती की फाइल सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है, लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिली। बताया जा रहा है कि चहेतों को मनपंसद स्टेशन देने के कारण यह मामला उलझ गया है। इस कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पाई है।
इधर, 1235 नए कंडक्टर जिनका निगम प्रबंधन ने सत्यापन कर दिया है, वे अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। बीते वर्ष सितंबर, 2017 में कंडक्टर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई। परीक्षा होने के बाद हिमाचल में विधानसभा चुनाव के कारण आचार संहिता के चलते यह मामला लटक गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने इस भर्ती की जांच कराई। लेकिन अनियमितताएं न पाए जाने के कारण परिणाम घोषित कर दिया गया।
29 जून तक निगम प्रबंधन उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का सत्यापन करता रहा। 1 जून से इन नए कंडक्टरों को बसों में चढ़ाया जाना था लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी इन्हें पोस्टिंग नहीं दी गई है। उधर, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि फाइल सचिवालय में आई है।
अभी देखी नहीं है। दो तीन दिन के भीतर नए कंडक्टरों को पोस्टिंग लेटर जारी हो जाएंगे। एचआरटीसी में कंडक्टरों की कमी चल रही है। 300 बसें विभिन्न डिपुओं में खड़ी हैं। इधर सरकार की लेटलतीफी के चलते परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों का घाटा हो रहा है।