पूर्व भाजपा विधायक ने किराया नहीं दिया तो कंडक्टर ने बस से उतारा
परिवहन निगम की बसों में पूर्व विधायकों के लिए निशुल्क सफर की सुविधा होने के बावजूद सरकार के बनाए पहचान पत्र परिचालकों के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं।
हालत ऐसी है किसी पूर्व विधायक के पहचान पत्र दिखाने के बाद भी कंडक्टर न केवल इसे मानने से इंकार करता है, बल्कि किराया न देने पर पूर्व विधायक को बस से उतरने तक के लिए कह देता है।
ऐसा ही वाक्या नगरोटा बगवां के पूर्व भाजपा विधायक चौधरी रामचंद भाटिया के साथ एक बार नहीं, बल्कि तीन बार हो चुका है। अब भाटिया ने परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर और परिवहन निगम के एमडी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
नगरोटा बगवां के पूर्व भाजपा विधायक एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चौधरी राम चंद भाटिया ने बताया कि वे 1977 से परिवहन निगम की बसों में साधारण नागरिक के रूप में सफर करते आए हैं।
मई 1982 से 15 दिसंबर, 1992 तक विधायक के रूप में भी निगम की बसों में सफर किया। 16 दिसंबर, 1992 से अब तक 25 वर्षों से एचआरटीसी बस में ही सफर कर रहे हैं। इसके लिए सचिव विधानसभा ने बस पास जारी किया है। इसकी अधिसूचना प्रदेश के राज्यपाल ने जारी की थी।
शिकायत पर भी नहीं बदला कंडक्टरों का रवैया
रामचंद भाटिया ने कहा कि निगम के कई परिचालक पूर्व विधायक के पास को वैद्य नहीं मानते हैं। कई बार परिचालकों के साथ बहस भी होती रही।
यहां तक कि एक बार उन्हें किराया न देने पर बस से नीचे उतरने तक को कह दिया गया। भाटिया ने बताया कि वह 21 दिसंबर, 2017 को आरएम बैजनाथ को इस बारे लिखित में सूचित कर चुके हैं।
इसकी शिकायत 25 अक्तूबर, 2017 को आरएम नगरोटा के कार्यालय में की थी, लेकिन अभी तक परिचालकों का न तो रवैया बदला है और न ही परिचालकों को कोई दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बसों में है निशुल्क यात्रा सुविधा
परिवहन निगम के धर्मशाला क्षेत्र के डीएम आरके जरियाल ने बताया कि निगम की बसों में पूर्व विधायकों को निशुल्क सफर की सुविधा है। इस बारे में परिचालकों को गाइडलाइंस जारी की गई हैं।
हो सकता है कि कुछ नए परिचालकों को इस बारे जानकारी न हो। यदि ऐसा हुआ है तो वह पुन: परिचालकों को इस बारे में गाइडलाइन जारी करेंगे।