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एचआरटीसी बस चालक की सूझबूझ से बच गई 32 यात्रियों की जान
Thu, 16 May 2019 01:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 16 May 2019 01:22 PM IST
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एचआरटीसी बस चालक सन्नी दियोल
- फोटो : अमर उजाला
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चंबा-जोत मार्ग पर भटालवां के पास एचआरटीसी चालक ने सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टाल दिया। यहां पर बस गुजरने के दौरान अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हो गए। इस दौरान बस में 32 लोग सवार थे। चालक ने बिना समय गंवाते हुए बस को बैक कर बड़ा हादसा होने से टाल दिया। हालांकि इस दौरान सवारियां किसी हादसे के अंदेशे से बुरी तरह से सहम गई और जोर जो से चिल्लाने लगी। लेकिन, निगम के चालक ने दिमाग से काम करते हुए अनमोल जिंदगीयों को दफन होने से बचाया।
प्रत्यक्षदर्शी एवं निगम के चालक सन्नी दियोल पुत्र करनैल सिंह निवासी गांव रायपुर सियूण ने बताया कि वह रूटीन ड्यूटी के तहत फटहार बस को लेकर निर्धारित समय पर जा रहा था। मंगला को क्रॉस करते हुए भटालवां नाले के पास मंगलवार रात करीब सवा दो बजे के करीब पहुंचे। इस दौरान बस में 30 सवारियां, परिचालक समेत कुल 32 लोग सवार थे।
यहां भटालवां नाले के पास सड़क पर अचानक पत्थर गिरने शुरू हो गए। सड़क पर गिरने वाले पत्थरों को देख उसने जोर की ब्रेक लगा दी। देखते ही देखते ऊपर से पत्थरों के साथ मलबा भी गिरना शुरू हो गया। उसने जरा भी समय गंवाते हुए गाड़ी को बेक गेयर में डालकर तुरंत सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
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गाड़ी को पीछे करते समय उसकी एक नजर आगे गई तो उसके रौंगटे खड़े हो गए। देखते हुए देखते भटालवां नाले में साथ लगती पूरी पहाड़ी ही आ गिरी। इससे सड़क और नाले में टन के हिसाब से मलबा और पत्थर, पेड़ आ गिरे थे। सुरक्षित जगह पर गाड़ी पार्क करने के बाद उनकी सांस में सांस आई।
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प्रत्यक्षदर्शी एवं निगम के चालक सन्नी दियोल पुत्र करनैल सिंह निवासी गांव रायपुर सियूण ने बताया कि वह रूटीन ड्यूटी के तहत फटहार बस को लेकर निर्धारित समय पर जा रहा था। मंगला को क्रॉस करते हुए भटालवां नाले के पास मंगलवार रात करीब सवा दो बजे के करीब पहुंचे। इस दौरान बस में 30 सवारियां, परिचालक समेत कुल 32 लोग सवार थे।
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यहां भटालवां नाले के पास सड़क पर अचानक पत्थर गिरने शुरू हो गए। सड़क पर गिरने वाले पत्थरों को देख उसने जोर की ब्रेक लगा दी। देखते ही देखते ऊपर से पत्थरों के साथ मलबा भी गिरना शुरू हो गया। उसने जरा भी समय गंवाते हुए गाड़ी को बेक गेयर में डालकर तुरंत सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
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गाड़ी को पीछे करते समय उसकी एक नजर आगे गई तो उसके रौंगटे खड़े हो गए। देखते हुए देखते भटालवां नाले में साथ लगती पूरी पहाड़ी ही आ गिरी। इससे सड़क और नाले में टन के हिसाब से मलबा और पत्थर, पेड़ आ गिरे थे। सुरक्षित जगह पर गाड़ी पार्क करने के बाद उनकी सांस में सांस आई।