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शिमला में पहाड़ी से टकराकर सड़क पर पलटी बस, 15 गंभीर

Wed, 06 Apr 2016 08:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 06 Apr 2016 08:34 AM IST
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HRTC bus accident at shimla, 15 injured.
बताया जा रहा है कि रूट पर खटारा बस भेजी गई थी इसका पट्टा टूटने की वजह से हादसा हुआ। - फोटो : अमर उजाला

कड़ैची से शिमला आने वाली पथ परिवहन निगम की बस मंगलवार सुबह दस बजे शारड़ा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में करीब 60 यात्री सफर कर रहे थे। 15 यात्रियों को गंभीर चोटें लगी हैं। जबकि, करीब तीन दर्जन लोगों को मामूली चोटें आई हैं। गंभीर रुप से घायल यात्रियों को उपचार के लिए आईजीएमसी में भर्ती किया गया है।

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बताया जा रहा है कि  रूट पर खटारा बस भेजी गई थी इसका पट्टा टूटने की वजह से हादसा हुआ। अगर बस सड़क से बाहर होती तो गहरी खाई में जा गिरती और बड़ा हादसा हो जाता। 9 बजकर बीस मिनट पर बस कड़याची से रवाना हुई और दस बजे शारड़ा के पास हादसा हो गया। शारड़ा के पास बस पहाड़ी से टकराकर बीच सड़क में पलट गई।
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शारड़ा स्कूल में पढ़ने वाले तीस छात्र भी इसमें सफर रहे थे। स्थानीय लोगों की मदद से लोगों को बस से निकाला गया और उपचार के लिए पीएचसी शारड़ा लाया गया। इसी बीच किसी ने 108 एंबुलेंस और पुलिस को सूचित किया। जिन मरीजों की हालत गंभीर थी उन्हें एंबुलेंस में आईजीएमसी लाया गया।
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स्थानीय निवासी बालकृष्ण ठाकुर, भरत सिंह ठाकुर और नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि परिवहन विभाग ने काफी सालों से इस रूट पर खटारा बस भेज रहा है। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि इस संदर्भ में थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।

घायलों की नहीं ली सुध, कार्यालय में ही बैठे रहे अधिकारी

HRTC bus accident at shimla, 15 injured.
बस हादसे में घायल लोगों की दवाइयों का खर्चा परिवहन निगम उठा रहा है। घायलों को अस्पताल में मुफ्त दवाएं उपलब्ध करवाई गई है। - फोटो : अमर उजाला

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में हादसे में घायल यात्रियों  को देखने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा।  जबकि प्रदेश सरकार की ओर से यहां प्रबंधन के लिए पांच चिकित्सकों की नियुक्ति अलग अलग पदों पर की गई है।

जब कभी इस तरह के हादसे होते हैं तो इन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि यह वार्ड में आए और अस्पताल में घायलों के लिए जो चिकित्सा संबंधी जरूरत पड़ती है चाहे वह दवा है इंजेक्शन है या बिस्तरों की कमी है या फिर कुछ और इसके इंतजाम करने का जिम्मा इन्हीं चिकित्सा अधिकारियों का रहता है।

आईजीएमसी में मची अफरातफरी
आईजीएमसी में हादसे में घायल लोगों के पहुंचने के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। दोपहर साढ़े बारह बजे तक इमरजेंसी वार्ड में लोगों को पैर रखने तक की जगह नही थी। आपातकालीन वार्ड घायलों से भर गया। लोगों को स्ट्रेचर के लिए परिसर में भटकना पड़ा। अस्पताल में चौदह यात्रियों को भर्ती किया गया है। इनमें दो स्कूली बच्चे भी हैं।

स्पॉट पर लगेगा हादसे के कारणों का पता
परिवहन विभाग के डिवीजनल मैनेजर (डीएम) अनिल सेन ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। आरएम लोकल मौके पर चले गए हैं। बस हादसे में घायल लोगों की दवाइयों का खर्चा परिवहन निगम उठा रहा है। घायलों को अस्पताल में मुफ्त दवाएं उपलब्ध करवाई गई है।- अनिल सेन, मंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी

ये हैं आईजीएमसी में भर्ती
अनु शर्मा (29), मणी देवी (55), सत्या देवी (55), अरुणा शर्मा (20),  सुनील (12), मीना देवी (35), प्रवीण (12), पूजा (20), धर्म प्रकाश (27), सुनीता (30), बाथू देवी (60), प्रोमिला (40), राहुल (21), कृष्णा (63)

चालक का भी करवाया एक्सरे
हादसे में घायल चालक परविंद्र कुमार (46) को भी उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया। चालक का एक्सरे करवाए जा रहा है।

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