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Shimla News: बिना पंजीकरण रूटों पर नहीं चल पा रहीं नई बीएस-6 बसें
Thu, 13 Apr 2023 01:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 13 Apr 2023 01:29 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जनवरी 2019 से सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस युक्त पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया है।
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शिमला में बीएस-6 बस। (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद
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विस्तार
एचआरटीसी की 150 नई बीएस-6 बसें पंजीकरण न होने के कारण रूटों पर नहीं चल पा रही हैं। वीएलटीडी युक्त पैनिक बटन क्रियाशील न होने के कारण परिवहन विभाग इन बसों का पंजीकरण नहीं कर रहा है। एचआरटीसी ने करोड़ों की लागत से 150 बसों को खरीदा है, लेकिन इन बसों के रूटों पर न उतरने से लोगों को खटारा बसों में सफर से छुटकारा नहीं मिल पा रहा। एक अप्रैल से एचआरटीसी की 15 साल उम्र पूरी कर चुकी 112 बसें रूटों से हटा दी गई हैं और नई खरीदी बसें भी रूटों पर नहीं चल पा रहीं।
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ऐसे में बसों की किल्लत से रूट फेल होने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। एचआरटीसी ने टाटा कंपनी की 28 सीटर 25 और 47 सीटर 125 बसें खरीदी हैं। पहले नवरात्र पर 22 मार्च को नई बसों की पहली खेप नालागढ़ पहुंची थी। निगम की ओर से गठित कमेटी ने बसों का डिलीवरी पूर्व निरीक्षण किया।
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इसके बाद विभिन्न डिपो को इन बसों का आवंटन कर दिया गया। बसों का पंजीकरण न होने के कारण अब यह बसें प्रदेश भर के एचआरटीसी डिपो में धूल फांक रही हैं। शिमला में एचआरटीसी की ढली और तारादेवी कार्यशाला में नई बसें खड़ी हैं।
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यह है प्रक्रिया
टाटा कंपनी की ओर से एचआरटीसी को वीएलटीडी क्रियाशील प्रमाण पत्र जारी करने के बाद परिवहन विभाग के एमवीआई पासिंग के दौरान जीपीएस जांचेंगे। सही पाए जाने पर बसें पास होंगी और इन्हें नंबर जारी होंगे।
क्या है वीएलटीडी युक्त पैनिक बटन
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जनवरी 2019 से सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस युक्त पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया है। दिल्ली गुड़िया कांड के बाद न्यायालय की ओर से गठित कमेटी के सुझावों पर यह व्यवस्था लागू की गई है।
हर सीट पर लाल रंग का बटन लगाया जाता है। आपातकालीन स्थिति में छात्राएं, युवतियां या महिलाएं इस बटन को दबा कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जीपीएस के जरिये पुलिस को वाहन की लोकेशन का पता लग जाता है और तुरंत सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाती है।
जल्द रूटों पर संचालित कर दी जाएंगी नई बसें
तकनीकी समस्या के कारण नई बीएस-6 बसों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। जल्द ही सभी बसें पंजीकृत कर रूटों पर संचालित कर दी जाएंगी। सुनिश्चित किया जाएगा की यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी
पंजीकरण से पहले वीएलटीडी क्रियाशील होना अनिवार्य: मंजीत
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मंजीत शर्मा ने कहा कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के दिशा निर्देशों के तहत सार्वजनिक वाहनों के पंजीकरण से पहले वीएलटीडी युक्त पैनिक बटन का क्रियाशील होना अनिवार्य है। किसी भी सूरत में बिना वीएलटीडी के बसों का पंजीकरण नहीं किया जा सकता। वीएलटीडी क्रियाशील होते ही बसें पंजीकृत कर दी जाएंगी।