एचपीयू में तनाव, सीएम ने भी किया किनारा
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एचपी यूनिवर्सिटी में जारी तनाव और छात्रों की मांगों को लेकर प्रदेश सरकार ने किनारा कर लिया है। सरकार का कहना है कि ये मामला यूनिवर्सिटी का है और यूनिवर्सिटी प्रशासन ही इसे सुलझाए।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में अभी हस्तक्षेप करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंसा और विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम के इस फैसले से छात्रों को झटका लगा है। छात्र उम्मीद कर रहे थे कि बढ़ी फीस कम करने और छात्र संघ चुनाव बहाल करने में सीएम अहम भूमिका निभाएंगे। लेकिन अब लगता है कि छात्रों को खुद ही इस मसले पर संघर्ष करना होगा।
एक भी छात्र नहीं पहुंचा
एचपी यूनिवर्सिटी में जारी तनाव के बीच पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। शनिवार को एक भी छात्र यूनिवर्सिटी नहीं पहुंचा है। सारी कक्षाएं खाली हैं। वहीं, वे छात्र जो किसी छात्र संगठन से नहीं जुड़े हैं वे भी डर के मारे यूनिवर्सिटी नहीं आए हैं।
इन छात्रों का कहना है कि शुक्रवार को पुलिस ने उनके साथ जो व्यवहार किया, उससे वे सहम गए हैं। पुलिस ने इन छात्रों पर भी शुक्रवार को लाठीचार्ज कर दिया था। कई छात्राएं जो क्लास लगाने जा रही थी, उन्हें बालों से खींचकर पीटा गया।
वहीं, कई छात्र ऐसे भी हैं जो अब छुट्टी पर चले गए हैं। कई अपने अभिभावकों को फोन कर वापस घर लौट रहे हैं। हॉस्टल और विवि परिसर में जारी तनाव के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं।
आधे छात्र गायब
वहीं, लाठीचार्ज के बाद हिरासत में लिए गए 100 से अधिक छात्रों का अभी भी कोई पता नहीं है। ये छात्र कहां है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। इनमें अधिकतर एसएफआई के नेता हैं जो गिरफ्तार किए गए हैं।
उधर, पुलिस दावा कर रही है कि ज्यादातर छात्र रिहा कर दिए गए हैं। लेकिन हकीकत में अभी भी पता नहीं है कि ये छात्र कहां है और किस थाने में रखे गए हैं। वहीं, कई छात्रों के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकाल दिए गए हैं।
इनकी तलाश की जा रही है। धारा 144 लागू होने से यूनिवर्सिटी के चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा लग गया है।