स्नातक के लिए इस दिन तक भर सकेंगे ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म, एचपीयू ने दिया अंतिम मौका
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पांच अप्रैल तक फॉर्म नहीं भरा तो रोलनंबर जेनरेट नहीं होगा। इससे विद्यार्थी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। सिस्टम के ऑनलाइन होने से विवि के पास अब बिना रोलनंबर स्ट्रे केस के तहत परीक्षा में बैठाने का विकल्प भी नहीं रह गया है।
इसलिए विवि प्रशासन ने साफ किया है कि जो भी रेगुलर, प्राइवेट या इक्डोल छात्र ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, वे तय समयावधि में फॉर्म भर लें। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि हर छात्र का परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य है।
प्रदेश में 174 परीक्षा केंद्रों में होंगी यूजी की परीक्षाएं
यदि फॉर्म भरा होगा तो ही छात्र ऑनलाइन जेनरेट किए गए रोलनंबर के आधार पर परीक्षा दे पाएंगे। पांच अप्रैल तक गलत भरे गए फॉर्म में ऑनलाइन सुधार किया जा सकेगा। जिन्होंने फॉर्म नहीं भरा, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षा फॉर्म विवि के पोर्टल hpuniv.co.in के माध्यम से भरे जा सकेंगे। प्रदेश विवि पहली बार सीबीसीएस में वार्षिक परीक्षा करवाने के सरकार के फैसले के मुताबिक यूजी की वार्षिक परीक्षा करवा रहा है। परीक्षा में 60 हजार से अधिक परीक्षार्थी बैठेंगे।
सीबीसीएस यूजी सेमेस्टर सिस्टम के तहत भी 11 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू होंगी। करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। ईयर सिस्टम में हर छात्र को औसतन आठ-आठ विषयों की परीक्षा देनी है। परीक्षाओं के लिए विवि ने प्रदेश में 174 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं।