HPU Shimla: पीजी की खाली सीटें भरने के लिए एचपीयू ने पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया
एचपीयू ने पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया है। पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है। इतना ही नहीं, एचपीयू सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 700, मेरिट आधारित कोर्स के लिए 500 रुपये फीस भी वसूल करेगा। फिर चाहे छात्र ने एडमिशन के लिए पहले ही आवेदन फीस चुकाई हो। यह परोक्षरूप से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त फीस थोपी गई है।
एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने सभी शैक्षणिक विभागों को कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेशों में तय प्रक्रिया के अनुसार ही विभाग खाली सीटों के लिए फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे। अधिष्ठाता अध्ययन ने विभागों से तीन अगस्त तक खाली सीटों का ब्योरा और सीट भरने के लिए आवेदन मंगवाने से संबंधित जानकारी मांगी है। इसी के आधार पर एचपीयू पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने को एडमिशन पोर्टल खोलेगा।
बता दें कि यह पहला मौका होगा जब विवि खाली सीटें भरने के लिए फीस की वसूली करेगा। इससे पहले खाली रही सीटों पर वीसी की अनुमति के बाद प्रवेश दिया जाता था। डीएस कार्यालय की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक प्रवेश, आवेदन और सीट आवंटन के लिए तीन नियमों के अनुसार सीटें भरी जानी हैं।
ये हैं शर्तें
ऐसे छात्र जिन्होंने पीजी की सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीट के लिए आवेदन किया, मगर मेरिट में होने के बावजूद सीट मिली, उन्हें प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स के लिए 700, मेरिट आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए 500 फीस चुकानी होगी, तभी उन्हें सीट आवंटित की जाएगी।
जिन विभागों में सीटें खाली हैं और इसके लिए प्रवेश परीक्षा में अपीयर हुए विद्यार्थी भी उपलब्ध हैं, ऐसे छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिए तय किए प्रवेश परीक्षा के न्यूनतम प्राप्तांक की सीमा को कम कर सीटें भरने की अनुमति विभागों को दी गई है। जहां खाली सीटें उपलब्ध हैं, मगर ऐसे छात्र उपलब्ध नहीं हैं जिन्होंने प्रवेश परीक्षा नहीं दी हो। ऐसे विभागों के विभागाध्यक्ष को पीजी प्रवेश परीक्षा के लिए तय क्वालिफाइंग एग्जाम यानि स्नातक डिग्री कोर्स के प्राप्तांक की मेरिट आधार पर प्रवेश देने की अनुमति होगी।
कुछ विभागों ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया
नए नियमों के तहत विवि के कुछ विभागों ने आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं। इसको लेकर वेबसाइट पर जानकारी अपलोड कर दी गई है। बता दें कि विवि में प्रवेश प्रक्रिया 27 जुलाई को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अधिक सीटें खाली रहने के कारण अब विभागों को दाखिले के लिए फिर से पोर्टल शुरू करना पड़ रहा है।