फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HPU Poor exam result case: 4.38 percent difference found in evaluation process, committee will submit report t

HPU UG Result Case: खराब परीक्षा परिणाम मामले की जांच पूरी, मूल्यांकन में 4.38 फीसदी का निकला अंतर

Fri, 16 Dec 2022 10:44 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 16 Dec 2022 10:44 AM IST
सार

प्रदेश विश्वविद्यालय के खराब रहे स्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर बाद गठित कमेटी ने मामले की जांच पूरी कर ली है।

विज्ञापन
HPU Poor exam result case: 4.38 percent difference found in evaluation process, committee will submit report t
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के खराब रहे स्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर बाद गठित कमेटी ने मामले की जांच पूरी कर ली है। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. कुलभूषण चंदेल की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में खराब परिणाम से जुड़े परीक्षार्थियों के दो बार करवाए गए पुनर्मूल्यांकन की रिपोर्ट रखी गई। सामने आए तथ्यों के आधार पर बताया कि पहले और तीसरे ऑन स्क्रीन मूल्यांकन में महज 4.38 फीसदी का अंतर मिला है।  तीसरी बार हुए मूल्यांकन में करीब 131 छात्र उर्त्तीण हुए है। जांच कमेटी के पुनर्मूल्यांकन को लिए गए सबसे खराब परिणाम वाले दस कॉलेजों के करीब 3300 छात्रों के हर विषय के सैंपल उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दूसरी बार करवाया गया, इसके बाद कमेटी ने दस से अधिक अंक के अंतर वाले करीब 2100 छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का तीसरी बार मूल्यांकन करवाया। पहले और तीसरे मूल्यांकन में महज 4.38 फीसदी का अंतर पाया गया है।  

विज्ञापन


जांच कमेटी ने पाया कि प्रथम वर्ष की परीक्षा में पर्यावरण विज्ञान और भाषा विषयों में अधिक छात्र फेल हुए है। पर्यावरण विज्ञान में प्रदेशभर शिक्षक न होना इसकी वजह रही। इसको देखते हुए कमेटी ने पर्यावरण विज्ञान में फेल हुए छात्रों को पांच ग्रेस अंक दिए जाने की रिपोर्ट में सिफारिश की है। कमेटी जल्द कुलपति को अपनी रिपोर्ट सिफारिश के साथ सौंपेगी। सिफारिश के अनुरूप छात्रों को ग्रेस दिए जाने का निर्णय कुलपति के स्तर पर होना है। इससे सैकड़ों फेल छात्र इस विषय में पास हो सकते है। जांच में ईआरपी सिस्टम और ऑन स्क्रीन मूल्यांकन में कोई चूक नहीं मिली है। बैठक में जांच कमेटी के प्रो. कुलभूषण चंदेल, परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी, डीन सीडीसी प्रो. खेम चंद ठाकुर, डीएसडबलू प्रो. नैन जीत सिंह सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed