हद है! यहां पैसे लेकर दी जा रही फ्री की डिग्रियां
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प्राइवेट कॉलेजों के बीएड छात्र फ्री में मिलने वाली डिग्री के पैसे चुका रहे हैं। बीएड करने के बाद इन्हें एचपीयू की ओर से दी जाने वाली डिग्री नहीं मिली है। हजारों छात्र सालों से डिग्री का इंतजार कर रहे हैं।
कोर्स के दौरान फीस चुकाने के बावजूद अब फिर से एचपीयू में पैसे जमा करवाकर डिग्री लेनी पड़ रही है। नियम के अनुसार ये डिग्री कोर्स पूरा होने के एक साल बाद यूनिवर्सिटी से कॉलेजों को जारी हो जाती हैं।
कॉलेज इसे छात्रों को मुहैया करवाते हैं। बीएड कॉलेजों का कहना है कि उन्हें यूनिवर्सिटी की ओर से 2008 के बाद से डिग्रियां जारी ही नहीं की गई हैं।
छात्रों को काटने पड़ रहे यूनिवर्सिटी के चक्कर
छात्रों को डिग्री हासिल करने के लिए यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि नौकरी के समय डिग्री का होना अनिवार्य होता है।
ऐसे में इन छात्रों को यूनिवर्सिटी आकर 30 रुपये फीस के साथ फार्म भरकर जमा करवाना पड़ता है। तीन से पांच दिन बाद विवि का डिग्री सैल डिग्री तैयार कर छात्र को दे रहा है।
एचपीयू की इस कार्यप्रणाली से हजारों छात्रों को मौजूदा समय पर परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हजारों छात्रों को है डिग्री का इंतजार
प्रदेश में 72 प्राइवेट बीएड कॉलेज एचपीयू से मान्यता प्राप्त हैं। इनमें 8720 सीटें हैं। 2008 के बाद यदि कुल सीटों को जोड़ा जाए तो करीब 40 हजार से ज्यादा छात्रों को डिग्री नहीं मिली है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. नरेंद्र अवस्थी का कहना है कि विवि का डिग्री सेल डिग्रियां तैयार करता है। कई बार डिग्रियां तैयार करने में थोड़ी देरी हो जाती है। कॉलेजों को चाहिए कि वे खुद सैल में आकर डिग्रियां ले जाएं।
उधर, प्रदेश प्राइवेट बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरके शांडिल का कहना है कि कई बार विवि से इस बारे में बात कर चुके हैं, लेकिन कई साल से छात्रों को डिग्रियां नहीं भेजी जा रही हैं।