एमबीए के छात्रों के लिए बड़ी खबर, पढ़िए..
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प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) से एमबीए की डिग्री की बढ़ी मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय ने कोर्स की सौ सीटें बढ़ा दी हैं। अब एक बैच दो सौ के बजाय तीन सौ सीटों का बैच होगा।
इसके लिए 13 अक्तूबर से विश्वविद्यालय के इक्डोल भवन में काउंसलिंग शुरू होगी। कुलपति की मंजूरी के बाद सीटें बढ़ाई गई हैं। इक्डोल के निदेशक प्रो. रमेश कौंडल ने सीटें बढ़ाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि इसी सत्र से बढ़ाई सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ये सौ सीटें भरे जाने से जहां आवेदनकर्ताओं को आसानी से प्रवेश मिलेगा, वहीं इक्डोल की आय भी बढ़ेगी। इस कोर्स के लिए प्रवेश के लिए तय शैक्षणिक और अन्य योग्यताओं में कोई ढील नहीं दी गई है।
दो सौ सीटों के लिए आए हैं तीन सौ आवेदन
इस बार इक्डोल की तय दो सौ सीटों के लिए साढ़े तीन सौ आवेदन आए हैं। छात्रों की मांग को देखते हुए इक्डोल और विश्वविद्यालय प्रशासन ने सौ सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने मंजूरी भी दे दी है।
दो साल की एमबीए की डिग्री के लिए किसी भी संकाय में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों की शैक्षणिक योग्यता रखी गई है। सीटें बढ़ाने के बाद इक्डोल को इतने बड़े बैच को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी पेश आएगी।
इसके लिए इक्डोल प्रशासन इक्डोल के ही अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन के साथ रेगुलर एमबीए कोर्स के शिक्षकों को बतौर गेस्ट फैकल्टी तैनात करने की व्यवस्था करेगा।
11 हजार प्रति सेमेस्टर की फीस से दो साल तक की इस डिग्री के लिए इन शिक्षकों के अलावा छात्र किसी भी पीएचडी स्तर के व्यक्ति को गाइड के रूप में रख सकेगा। उन्हें प्रोजेक्ट तैयार करने में गाइड करने का कार्य करेगा।