अब एक क्लिक करें और जानिए कहां है आपकी किताब
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एचपीयू के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। पुस्तकालय में कौन सी किताब उपलब्ध है, इसके लिए लाइब्रेरी में भटकने की जरूरत नहीं। बस एक क्लिक करने से पता चल जाएगा कि किताब पुस्तकालय में हैं या नहीं।
लाइब्रेरी गेट के बाहर क्योसिक मशीन स्थापित की जाएगी। इसमें छात्र लेखक का नाम, पुस्तक का टाइटल, पब्लिशर का नाम और पब्लिकेशन के वर्ष जैसी जानकारी फीड करेगा, एक क्लिक के बाद किताब से संबंधित सारी जानकारी स्क्रीन पर होगी।
विश्वविद्यालय का मुख्य पुस्तकालय और विधि, साइंस सहित इक्डोल के पुस्तकालय को 25 लाख खर्च कर डिजिटलाइज किया जाएगा।
विभागों में लगे कंप्यूटरों के माध्यम से भी छात्रों को जानकारी मिल जाएगी। विभागों में उपलब्ध किताबों की जानकारी भी छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट का 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
लाइब्रेरी कार्ड को कंप्यूटराइज्ड करने जैसी सुविधाएं
पुस्तकालयों में उपलब्ध किताबों के इशू और वापस करने की प्रक्रिया, लाइब्रेरी कार्ड को कंप्यूटराइज्ड करने जैसी सुविधाएं दी जानी हैं। विवि ने पुस्तकालय में लगने वाली इनफार्मेशन क्योसिक दो मशीनों की खरीद और कंप्यूटर खरीद के लिए आर्डर दे दिया है। चंद रोज में यह मशीनें विवि में पहुंच जाएंगी।
डाटा फीड होने के साथ ही विभागों में लगे कंप्यूटर पर उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी मिलने लगी है। प्रोजेक्ट के पूरा होने पर छात्रों को जरूरत और विषय के हिसाब से किताब खोजने को अलग अलग फ्लोर और पुस्तकालयों में भटकने से राहत मिलेगी।
विवि के पुस्तकालय प्रभारी प्रो. शांति स्वरूप और सहायक लाइब्रेरियन टेक्निकल दिनेश शर्मा ने बताया कि मशीनों और कंप्यूटर खरीद के आर्डर दे दिए हैं। जल्द से जल्द कार्य पूरा कर दिया जाएगा।