इस स्टाफ का वेतन रोकेगा बिजली बोर्ड, ये है वजह
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बीस हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों वाले बिजली बोर्ड के दफ्तरों में स्वीकृत पदों से अधिक नियुक्त कर्मियों को अब वेतन जारी नहीं किया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने की जगह शहरों में ही टिके सरप्लस स्टाफ पर शिकंजा कसने को सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है।
शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बिजली बोर्ड की समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण कपूर ने बोर्ड अधिकारियों को जल्द से जल्द युक्तिकरण प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि बिजली बोर्ड के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित दफ्तरों में स्टाफ की कमी है, जबकि शहरों और उसके आसपास के दफ्तरों में सरप्लस स्टाफ नियुक्त है।
इसलिए लेना पड़ा फैसला
सरप्लस स्टाफ के तबादले होने के बावजूद यह कर्मी एडजस्टमेंट करवा लेते हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा ने कहा कि सभी कर्मियों को अपने सेवाकाल में दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में भी सेवाएं देना जरूरी है।
उन्होंने बोर्ड अधिकारियों को आदेश देते हुए युक्तिकरण करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी दफ्तर में जेई के दो पद स्वीकृत हैं और वहां पांच लगे हैं तो तीन का वेतन नहीं जारी होगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड का कामकाज सुचारु तौर पर चलाने के लिए यह सख्त कदम उठाने होंगे।
तरुण कपूर ने कहा कि बोर्ड के गैंग मैन में अब तकनीकी स्टाफ ही नियुक्त रहेगा। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में नए पदों पर भर्तियां की जा रही हैं। पद भरते ही बोर्ड की समीक्षा सख्ती से की जाएगी।