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एचपीसीए टैक्स मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई टली

Thu, 08 Oct 2015 12:08 AM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:08 AM IST
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hpca himachal high court hearing in tax recovery case.

हाईकोर्ट में लंबित एचपीसीए की ओर से सरकार को टैक्स अदा न करने के मामले की सुनवाई 26 अक्तूबर तक टल गई है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2014 से पहले ऐसी कोई भी नीति नहीं बनाई गई थी, जिसके तहत सुरक्षा पर किए गए खर्च को एचपीसीए से वसूला जाए। अदालत को यह भी बताया गया था कि वर्ष 2010 के बाद सरकारी खजाने से लगभग साढ़े छह करोड़ सुरक्षा पर खर्चे गए हैं।

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सरकार ने पहली बार 26 सितंबर, 2014 को नीतिगत फैसला लेकर सुरक्षा पर किए गए खर्च को एचपीसीए से वसूलने का प्रावधान बनाया है। इस फैसले के अनुसार व्यावसायिक मैच जैसे आईपीएल के आयोजन के लिए सुरक्षा पर किए गए खर्च को एचपीसीए से वसूला जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मैचों को गैर व्यावसायिक मैचों की श्रेणी में रखा गया है।

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याचिका में दिए ये तथ्य

hpca himachal high court hearing in tax recovery case.

जनहित में प्रार्थी विनय शर्मा की ओर से दायर याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार एचपीसीए के धर्मशाला स्थित स्टेडियम में आईपीएल के कुल 9 मैच खेले गए। एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच 17 अक्तूबर 2014 को हुआ। इसकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1500 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया था।

केवल इसी मैच के आयोजन पर सरकार ने 70 लाख से एक करोड़ के करीब सुरक्षा व्यवस्था पर खर्चा किया। आरटीआई के तहत ली सूचना के अनुसार सात आईपीएल मैचों की सुरक्षा के लिए सरकार ने 5 करोड़ 46 लाख रुपये खर्चे हैं। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि एचपीसीए एक कंपनी के तौर पर पंजीकृत हुई है न कि यह एक चैरिटेबल संगठन है।

मुंबई, एमपी, पंजाब का दिया उदाहरण

hpca himachal high court hearing in tax recovery case.

एचपीसीए बीसीसीआई से करोड़ों रुपये टीवी अधिकारों, धर्मशाला के स्टेडियम को किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से किराए पर लिए जाने की एवज में तीन करोड़ 50 लाख रुपये और अन्य साधनों से बहुत ज्यादा लाभ कमा रही है। आरोप लगाया है कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की एवज में एचपीसीए को बिल जारी नहीं करती है। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है।

प्रार्थी ने दलील दी है कि मुंबई हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई पुलिस ने दो करोड़ तीस लाख सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की एवज में वसूले हैं। इसी तर्ज पर पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने को एसएसपी मोहाली ने 18,23,89,671 रुपये के बिल जारी किए हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की एवज में 60 लाख वसूले हैं। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने की एवज में खर्च की गई धनराशि को प्रदेश सरकार को अदा करने के आदेश दिए जाए।

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