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मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

Wed, 04 Jun 2014 09:45 PM IST
Updated Wed, 04 Jun 2014 09:45 PM IST
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HPCA CASE : high court rejected plea against cm virbhadra and four officers

हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित प्रदेश के चार अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलेगी।

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एचपीसीए मामले में मुख्यमंत्री, डीजीपी संजय कुमार, डीसी और एसपी कांगड़ा को व्यक्तिगत तौर पर प्रतिवादी बनाए जाने के लिए दाखिल याचिका को हिमाचल हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि संभावित प्रतिवादियों पर प्रथम दृष्टतया कोई मामला नहीं बनता है।

साबित करें कि कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण की गई

HPCA CASE : high court rejected plea against cm virbhadra and four officers

अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण या पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करने के आरोप लगाए जाते हो तो प्रार्थी को दर्शाना होगा कि उसके विरुद्ध कि गई कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण या पक्षपातपूर्ण रवैये से अमल में लाई गई।

उस आवेदन को भी खारिज कर दिया जिसके तहत आर डी नजीम रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी को भी प्रतिवादी बनाने की गुहार लगाईं गई थी।

ध्यान रहे कि इस मामले में हाई कोर्ट ने आठ जनवरी को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, डीजीपी संजय कुमार, डीसी कांगड़ा सी पाल रासू और कांगड़ा के एसपी बलबीर सिंह को निजी तौर पर  प्रतिवादी बनाए जाने के लिए दायर किये गए आवेदन को ठुकरा दिया।

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सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के लिए कहा था

HPCA CASE : high court rejected plea against cm virbhadra and four officers

इस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी और सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट के निर्णय को निरस्त कर दिया था और इन आवेदनों पर दोबारा सुनवाई करने के पश्चात फैसला सुनाने के आदेश दिए थे।

प्रदेश सरकार ने एचपीसीए की लीज को रद्द कर दिया था। साथ ही क्रिकेट स्टेडियम की प्रापर्टी को रातोंरात कब्जे में ले लिया था। एचपीसीए ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कहने पर प्रशासन ने पुलिस बल प्रयोग कर धर्मशाला और अन्य स्टेडियमों को अपने कब्जों में लिया था, जोकि एक द्वेषपूर्ण कार्रवाई थी।

आवेदन में यह भी आरोप था कि एचपीसीए के खिलाफ  जो भी कार्रवाई की गई है, वह सीएम के इशारे पर ही की गई।

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