{"_id":"63dbdcc9e9ab314e371c9ee6","slug":"hp-sukhu-govt-nps-share-cut-in-january-salary-as-well-ops-not-implemented-2023-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP Sukhu Govt: जनवरी के वेतन से भी कट गया एनपीएस का शेयर, ओपीएस अभी भी दूर, जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP Sukhu Govt: जनवरी के वेतन से भी कट गया एनपीएस का शेयर, ओपीएस अभी भी दूर, जानें पूरा मामला
Fri, 03 Feb 2023 10:38 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 03 Feb 2023 10:38 AM IST
सार
कर्मचारियों के लिए कांग्रेस अपनी पहली गारंटी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) सरकार बनने के 52 दिन बाद भी लागू नहीं कर पाई। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही 10 दिन में और पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस लागू करने का वादा किया था।
विज्ञापन
जनवरी के वेतन में भी कट गया एनपीएस का शेयर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनवरी के वेतन में भी कर्मचारियों और राज्य सरकार का न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) का शेयर कट गया। यानी कर्मचारियों के लिए कांग्रेस अपनी पहली गारंटी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) सरकार बनने के 52 दिन बाद भी लागू नहीं कर पाई। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही 10 दिन में और पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस लागू करने का वादा किया था। कहां कांग्रेस सरकार केंद्र से कर्मचारियों का एनपीए का पैसा वापस लाने की बात कर रही थी, यहां तो फिर से कर्मचारियों और सरकार का हिस्सा केंद्र सरकार के संबंधित प्राधिकरण में जमा करने की प्रक्रिया चल पड़ी।
विज्ञापन
विभाग जनवरी का वेतन और पेंशन बनाने के लिए सरकार के अगले आदेश का इंतजार करते रहे, जब स्थिति साफ नहीं हुई तो फिर पुराने ढर्रे पर ही एनपीएस की कटौती कर ली। कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने वाला मुख्य मुद्दा ओपीएस लागू करना सरकार के लिए अब टेढ़ी खीर बन गया है। मुख्य सचिव ओपीएस लागू होने से पहले ही कह चुके थे कि सरकार के पास इसे लागू करने के लिए ए और बी प्लान दोनों हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की कैबिनेट ने लोहड़ी के दिन राज्य के कर्मचारियों को ओपीएस का तोहफा देने का एलान किया था।
विज्ञापन
इसे उसी दिन से लागू होने की बात कर तुरंत अधिसूचना जारी करने की भी बात की, लेकिन इसके बाद महज एक संक्षिप्त ऑफिस मैमोरेंडम (कार्यालय आदेश) निकालकर ही इसे लागू करने की बात की गई। मुख्यमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के फार्मूले को आधार बनाकर हिमाचल ने अपना फार्मूला बनाया है। यह फार्मूला भी कैबिनेट बैठक के 20 दिन बाद भी सार्वजनिक नहीं हो पाया। छत्तीसगढ़ में ओपीएस लागू करने के लिए जिस तरह विस्तृत अधिसूचना जारी हुई है, वैसी अधिसूचना हिमाचल सरकार के वित्त विभाग के अधिकारी अभी तक नहीं निकाल पाए हैं।
विज्ञापन
ऐसे में ओपीएस की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारी असमंजस में हैं। यही नहीं, अप्रैल तक भी ओपीएस का लाभ मिलना संभव नहीं लग रहा। वहीं, प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने इस बारे में बताया कि ओपीएस को जनवरी के वेतन में लागू करने के लिए कहा था। क्यों लागू नहीं किया, इसका पता किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संभवतया फरवरी के वेतन में एनपीएस की कटौती नहीं होगी।