{"_id":"69fc2afad777de922609796d","slug":"hp-panchayat-elections-nominations-for-panchayati-raj-institutions-begin-today-2026-05-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"HP Panchayat Election: पंचायतीराज संस्थाओं के लिए नामांकन आज से, ये दस्तावेज हैं जरूरी; ये नहीं लड़ सकेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP Panchayat Election: पंचायतीराज संस्थाओं के लिए नामांकन आज से, ये दस्तावेज हैं जरूरी; ये नहीं लड़ सकेंगे
Thu, 07 May 2026 11:32 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू।
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 07 May 2026 11:32 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में उम्मीदवार तीन दिन 7, 8 और 11 मई को नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक 12 मई को नामांकन पत्रों की छंटनी (स्क्रूटनी) की जाएगी। 14 और 15 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। जानें सबकुछ...
विज्ञापन
पंचायत चुनाव 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया वीरवार से शुरू हो रही है। उम्मीदवार तीन दिन 7, 8 और 11 मई को नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। पंचायत प्रधान और सदस्य पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ), पंचायत समिति तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार के पास और जिला परिषद सदस्य एमडीएम कार्यालय में एसडीएम के पास अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर सकेंगे।
विज्ञापन
नामांकन प्रक्रिया के लिए जिला निर्वाचन कार्यालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक 12 मई को नामांकन पत्रों की छंटनी (स्क्रूटनी) की जाएगी। 14 और 15 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। 15 मई को ही बाकी बाचे उम्मीदवारों को चुनाव चिह्नों का आवंटन कर दिया जाएगा। इसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायतीराज चुनाव में मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होगा। प्रदेश में चरणबद्ध मतदान को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अमला, पुलिस और चुनाव कर्मियों की तैनाती की योजना तैयार की जा रही है।
ये दस्तावेज हैं जरूरी
मतदाता सूची में उम्मीदवार का नाम होना आवश्यक है। इसके साथ ही पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र, निर्वाचन आयोग की तरफ से मिलने वाला स्वयं सत्यापित पत्र जरूरी है। पत्र में पांच नियमों का जिक्र होगा जैसे-कोई मुकदमा नहीं, चिट्टे में संलिप्त नहीं, अतिक्रमण नहीं, बैंक का डिफाल्टर नहीं, अपराध में संलिप्त नहीं। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के उम्मीदवारों को को बीडीओ कार्यालय से काउंटर साइन कराना अनिवार्य है।
मतदाता सूची में उम्मीदवार का नाम होना आवश्यक है। इसके साथ ही पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र, निर्वाचन आयोग की तरफ से मिलने वाला स्वयं सत्यापित पत्र जरूरी है। पत्र में पांच नियमों का जिक्र होगा जैसे-कोई मुकदमा नहीं, चिट्टे में संलिप्त नहीं, अतिक्रमण नहीं, बैंक का डिफाल्टर नहीं, अपराध में संलिप्त नहीं। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के उम्मीदवारों को को बीडीओ कार्यालय से काउंटर साइन कराना अनिवार्य है।
ये लड़ सकेंगे चुनाव
आशा वर्कर, आउटसोर्स कर्मी, होमगार्ड, कृषि मित्र, निजी डिपो होल्डर, अतिक्रमणकारी जिन्होंने 2006 में अवैध कब्जा नियमित करने लिए स्वयं सत्यापित फार्म दिया हो, मनरेगा सोशल ऑडिट कर्मी और लंबरदार चुनाव लड़ सकेंगे।
ये नहीं लड़ सकेंगे
सरकारी जमीन पर आतिक्रमण करने वाला व्यक्ति (ससुर) और उसकी बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, मिड-डे मील वर्कर और जलरक्षक, सहकारी समितियों के सेल्समैन, सेक्रेटरी भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यदि किसी मामले में अपील व पुनरीक्षण अदालत में लंबित है, तो संबंधित व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ पाएगा। अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति को बेदखली व कब्जा छोड़ने के बाद भी छह वर्षों तक अयोग्य माना जाएगा।
आशा वर्कर, आउटसोर्स कर्मी, होमगार्ड, कृषि मित्र, निजी डिपो होल्डर, अतिक्रमणकारी जिन्होंने 2006 में अवैध कब्जा नियमित करने लिए स्वयं सत्यापित फार्म दिया हो, मनरेगा सोशल ऑडिट कर्मी और लंबरदार चुनाव लड़ सकेंगे।
ये नहीं लड़ सकेंगे
सरकारी जमीन पर आतिक्रमण करने वाला व्यक्ति (ससुर) और उसकी बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, मिड-डे मील वर्कर और जलरक्षक, सहकारी समितियों के सेल्समैन, सेक्रेटरी भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यदि किसी मामले में अपील व पुनरीक्षण अदालत में लंबित है, तो संबंधित व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ पाएगा। अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति को बेदखली व कब्जा छोड़ने के बाद भी छह वर्षों तक अयोग्य माना जाएगा।