फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   hp High Court termed the sentence of two years for one kilo of charas as insufficient

Shimla News: हाईकोर्ट ने एक किलो चरस के लिए दो वर्ष की सजा को बताया अपर्याप्त

Thu, 24 Aug 2023 09:09 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 24 Aug 2023 09:09 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने एक किलो चरस के लिए सुनाई सजा को अपर्याप्त बताया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार किया है। 

विज्ञापन
hp High Court termed the sentence of two years for one kilo of charas as insufficient
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक किलो चरस के लिए सुनाई सजा को अपर्याप्त बताया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार किया है। अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के लिए तलब किया है। मामले की सुनवाई 12 सितंबर को होगी।

विज्ञापन


विचारण अदालत ने दोषी को दो वर्ष का कठोर कारावास और 20,000 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। विशेष न्यायाधीश के इस निर्णय को राज्य सरकार ने अपील के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत के समक्ष दलील दी गई कि विचारण अदालत ने दोषी को कम सजा सुनाई है। अदालत को बताया कि दोषी से एक किलो चरस बरामद की गई थी।
विज्ञापन


इसके अलावा गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा था। इसके बावजूद विचारण अदालत ने उसे कम सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों पर सहमति जताते हुए निचली अदालत के निर्णय में संशोधन किया है। अदालत ने पाया कि चरस रखने के जुर्म के लिए दोषी को कम सजा सुनाई गई है। इस जुर्म के लिए उसे कितनी सजा सुनाई जानी है इसके लिए दोषी को अदालत के समक्ष पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed