एएसपी गौरव सिंह के तबादले के खिलाफ दायर याचिका खारिज
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हिमाचल हाईकोर्ट ने बद्दी से कांगड़ा स्थानांतरित किए एएसपी गौरव सिंह मामले में दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। मामले पर कुछ देर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता ने दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति मांगकर पहली याचिका वापस ले ली।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने याचिका वापस लेने की सूरत में इसे खारिज कर दिया। याचिका में बद्दी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राजीव कुमार कौंडल ने आरोप लगाया था कि यह तबादला आदेश राजनीति से प्रेरित है।
इस अधिकारी ने मात्र 6 महीने में 170 मामलों में अवैध खनन करने वाली गाड़ियों को जब्त कर 25 लाख रुपये की रिकवरी की। इसी कार्यकाल में 12 केस एनडीपीएस, 2 मर्डर, 2 चेन स्नैचिंग और 4 डिपार्टमेंटल करप्शन से जुड़े केसों के अलावा अन्य अधिनियमों के तहत मामले सुलझाए।
अब अवैध खनन पर एनजीटी या हाईकोर्ट में दायर करेंगे याचिका
2 अगस्त 2016 को छपी खबरों के मुताबिक इस अधिकारी ने बद्दी से स्थानीय विधायक की पत्नी की गाड़ी जब्त की। आरोप था कि इस कारण राज्य सरकार ने विधायक के दबाव में आकर गौरव सिंह का तबादला कांगड़ा कर दिया।
आरटीआई एक्टिविस्ट व याचिकाकर्ता राजीव कौंडल ने कहा कि एसोसिएशन अपनी इस मुहिम को जारी रखेगी। आईपीएस तबादला भले ही जनहित में न हो, उनकी ओर से अवैध खनन मामले पर एनजीटी अथवा हाईकोर्ट में याचिका डाली जाएगी। इस पर एसोसिएशन की बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।