नशाखोरी रोकने के लिए कोर्ट का बड़ा फैसला, जब्त होगी दोषी की संपत्ति
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मादक पदार्थ रखने और इनकी तस्करी करने वाले दोषियों की उन संपत्तियों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें मादक पदार्थ बेचकर अर्जित किया गया।
साथ ही उन संपत्तियों को कानूनन जब्त करने को भी कहा गया है। न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने आदेश दिए कि सार्वजनिक जीवन में जी रहे प्रबुद्घ व्यक्ति अफीम इत्यादि मादक पदार्थों की खेती को कानूनी बनाए जाने के बयान न दें।
कोर्ट ने नशाखोरी के मामले में चेताया कि नशाखोरी में पहले से ही हिमाचल खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है और यदि अभी इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो हम मौजूदा एक पूरी पीढ़ी खो देंगे।
नशाखोरी रोकने पर सख्त हुआ कोर्ट, मुख्य सचिव को दी जिम्मेदारी
कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जब भी कोई व्यक्ति मादक पदार्थों के साथ पकड़ा जाता है तो यह भी पता करें कि पकड़ा गया मादक पदार्थ कहां से आया और किस-किस से होता हुआ पकड़े गए आरोपी तक पहुंचा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और इनकी अनुपालना की जिम्मेदारी मुख्य सचिव की होगी। साथ ही यह भी कहा कि इन आदेशों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।